आगरा। रसूलपुर स्थित प्राचीन मां दुर्गा पथवारी मंदिर भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां श्रद्धाभाव से बांधा गया मन्नत का कलावा कभी खाली नहीं जाता और मुराद पूरी होने पर भक्त यहां भंडारा व हवन का आयोजन करते हैं। सेवादार पप्पू बघेल ने बताया कि इस सिद्ध पीठ की स्थापना वर्ष 1907 में हुई थी। दशकों से क्षेत्र की रक्षक मानी जाने वाली मां पथवारी के इस दरबार का भव्य जीर्णोद्धार वर्ष 2013 में सर्वसमाज के सहयोग से कराया। आज यह मंदिर अपनी भव्यता और आध्यात्मिक शांति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।
नवरात्रि के दौरान यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही है। मंदिर की विशेषता बताते हुए सेवादार ने कहा कि भक्त अपनी विशेष मनोकामना लेकर आते हैं और मंदिर परिसर में कलावा बांधते हैं। उनकी इच्छा पूर्ण होने पर श्रद्धालु मंदिर में विशेष हवन-यज्ञ करवाते हैं और कन्या पूजन के साथ भंडारा आयोजित कर माता का आशीर्वाद लेते हैं। नवरात्रि में मां के दर्शन के लिए केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त आते हैं।
ऐसे पहुंच मंदिर
खेरिया मोड़ चौराहे से मात्र 500 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप के ठीक सामने मंदिर स्थित है। और ईदगाह बस स्टैंड की ओर से आने वाले भक्त रेलवे पुल उतरते ही बाई दिशा में मंदिर पहुंचा जा सकता है।
प्रस्तुति : योगेश कुशवाहा