नोटबंदी से बिगड़ी बाजार की चाल को संभालने के लिए सरकार का जोर ई-पेमेंट पर है। नोटबंदी के एक महीना पूरा होने पर वित्तमंत्री ने ई-पेमेंट पर रेलवे, पेट्रोल पंप, इंश्योरेंस, एमएसटी आदि में छूट का एलान किया तो बाजार ने इसका स्वागत किया। नोटबंदी के एक माह में कारोबारी खुद ही ई-पेमेंट का सहारा लेकर लड़खड़ाते कारोबार को फिर से खड़ा करने की कवायद में लग गए थे। ई-पेमेंट को प्रोत्साहन के बाद कारोबारियों को भी उम्मीद है कि कैश की किल्लत से दूर उनका कारोबार कुछ हद तक पटरी पर लौट सकता है।
गांव-गांव लगेगी ई-पेमेंट की क्लास
इधर वित्तमंत्री ने ई-पेमेंट के लिए प्रोत्साहन का एलान किया, उधर रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को शहर से लेकर गांव तक लोगों को ई-पेमेंट के फायदे और उपयोग करने के तरीके बताने के लिए क्लास लगाने के निर्देश जारी कर दिए। लीड बैंक को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि सभी बैंक शाखाएं अपने पास और हर गांव में प्रशिक्षण शिविर लगाएंगे, जिसमें बैंक के खाताधारकों को एटीएम कार्ड के उपयोग, मोबाइल बैंकिंग, स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा और इसके सामाजिक फायदे भी गिनाए जाएंगे। हर बैंक को इसके लिए तारीख और जगह तय कर बतानी होगी।
ई-पेमेंट को प्रोत्साहन का कदम अच्छा है। यह काले धन पर रोक लगाने में प्रभावी होगा। नोटबंदी से तो यह मंशा पूरी नहीं हुई। बैंकिंग सिस्टम में कई खामियां रह गईं और कई बैंककर्मी काले धन को सफेद करने में लग गए।
सीए अमित बंसल
अध्यक्ष, इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स
रेलवे, पेट्रोलपंप और अन्य में भुगतान के लिए प्लास्टिक मनी, ई-पेमेंट को प्रोत्साहन मिलने का असर पड़ेगा। नगदी की किल्लत से तो राहत मिलेगी ही, लोगों को भी सहूलियत हो जाएगी।
सीए सर्वेश वाजपेयी
पूर्व अध्यक्ष, सीए इंस्टीट्यूट
कैश हैंडलिंग हमारे लिए मुश्किल भरा रहा है। ई-पेमेंट से पेट्रोलपंप पर लूट, फायरिंग जैसी घटनाएं नहीं होंगी और कर्मचारी सुरक्षित हो जाएंगे। छूट से प्रोत्साहन बढ़ेगा। अभी कार्ड से पेमेंट केवल एक फीसदी है, यह बढ़ा तो हमारे लिए सुविधा हो जाएगी।
विनीत खेड़ा
अध्यक्ष, पेट्रोल पंप एसोसिएशन
300 फीसदी बढ़ गया ऑनलाइन ट्रांजेक्शन
800 फीसदी बढ़ा कार्ड से भुगतान
24000 से ज्यादा स्वाइप मशीनों की मांग
450 स्वाइप मशीनें पहले एक महीने में लगती थीं
5000 स्वाइप मशीनों के बैंकों ने दिए आर्डर