फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लिफाफा गैंग: दंपती को इस तरह बातों में उलझाया, वो समझ भी न पाए; लाखों के जेवर ले उड़े; बदले में दे गए कंकड़

Sat, 07 Feb 2026 08:47 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

लिफाफा गैंग ने थाना न्यू आगरा के अबुल उलाह दरगाह के पास दंपती को अपना शिकार बनाया। उनसे लोखों के जेवरात लेकर कंकड़ थमा दिए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। 
विज्ञापन
agra police - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में एक बार फिर सक्रिय हुए लिफाफा गैंग ने अबुल उलाह दरगाह के पास एक दंपती को अपना शिकार बनाया। दो बदमाशों ने बैंक की गाड़ी में हाथरस ले जाने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने दंपती से लाखों के जेवर ठग लिए और बदले में कंकड़ भरा लिफाफा थमा दिया। पीड़ित दंपती की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन


जयराम बाग, दयालबाग निवासी अंकुर वार्ष्णेय ने बताया कि माता अनीता और पिता राज कुमार 3 फरवरी की दोपहर हाथरस जाने के लिए अबुल उलाह दरगाह पर बस का इंतजार कर रहे थे। तभी एक व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर कम किराए में गाड़ी से ले जाने का प्रस्ताव दिया। उसने कहा कि बैंक की गाड़ी होने के कारण जेवर पहनकर यात्रा नहीं कर सकते, इसलिए सुल्तानगंज पुलिया पार्किंग में खड़े वाहन में जेवर रखवाकर ही बैठना होगा।

ये भी पढ़ें -  Mathura Accident: भयानक हादसा...सड़क पर बहता खून, लाशों का ढेर; छह यात्रियों की मौत, घटना देख कांप गई रूह
विज्ञापन



दंपती को थमा दिया दूसरा लिफाफा
हाईवे पर वाहन लाने पर चालान हो जाएगा। बातों में फंसाकर उसने दंपती के जेवर एक लिफाफे में रखवा लिए और सील करने के बहाने जेवरों वाले लिफाफे की जगह कंकड़ भरा दूसरा लिफाफा थमाकर अपने साथी के साथ भाग गया। जब दंपती ने बाद में लिफाफा खोला तो ठगी का पता चला।
विज्ञापन


पहले भी हुई थीं वारदात
शहर में यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी लोग शिकार बन चुके हैं। हाईवे के आईएसबीटी, भगवान टाॅकीज, सुल्तानगंज पुलिया, वाटरवर्क्स और रामबाग पर गिरोह सक्रिय रहता है। वाहनों का इंतजार करने वालों को कम किराये में गंतव्य का लालच देते हैं। गाड़ी में बैठाने के बाद चेकिंग का डर दिखाकर गहने उतरवाकर लिफाफे में रखने के बहाने बदल देते हैं। पुलिस ने गिरोह को पकड़कर जेल भी भेजा था। मगर फिर से वारदात सामने आई है।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें