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अंग्रेजी माध्यम शिक्षा: आधा सत्र बीता, मात्र 32 प्रतिशत किताबें आई

सार

जिला में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है।शिक्षासत्र को शुरू हुए छह माह का समय होने जा रहा है, लेकिन अभी तक बच्चों के हाथों में सभी विषयों की किताबें नहीं आ सकी हैं।
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कासगंज। जिला में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। आधा शिक्षासत्र बीत चुका है, लेकिन अभी तक मात्र 32.37 प्रतिशत किताबें ही जिला में आई हैं। जिससे बच्चों की विधिवत पढ़ाई नहीं हो पा रही।
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परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के लिए जिला में 94 अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हो रहे हैं, लेकिन इन स्कूूलें में पढ़ने वाले 23864 बच्चों को सही ढंग से शिक्षा नहीं मिल पा रही। शिक्षासत्र को शुरू हुए छह माह का समय होने जा रहा है, लेकिन अभी तक बच्चों के हाथों में सभी विषयों की किताबें नहीं आ सकी हैं। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए 95836 पुस्तकों की आवश्यकता है। इनमें से 31027 पुस्तकें ही आई हैं। पुस्तकों को लेकर सबसे खराब हालात प्राइमरी कक्षाओं की है। कक्षा एक की कलरव बर्कबुक, कक्षा 2 की वर्कबुक गिनतारा, वर्कबुक अंग्रेजी, कक्षा 4 की बर्ड ऑफ नंबर, अवर इनवायरमेंट, कक्षा 5 की नोलेज ऑफ मेथमेटिक्स, नेचर विषय की किताबें नहीं आई हैं। जबकि जूनियर कक्षाओं में सबसे खराब हालात कक्षा 8 के है। इस कक्षा में एक्सप्लोर मेथमेटिक्स, अवर हिस्ट्री एंड सिविल लाइफ, विज्ञान भारती, अवर आइडियल पर्सनेल्टी जैसी किताबें नहीं आई हैं। वहीं कक्षा 7 में ग्रिथ कौशल की किताब नहीं आई है। विभाग के सूत्र बताते हैं कि अक्टूबर माह में अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। बिना पढ़ाई के बच्चे किस तरह से परीक्षा में शामिल होंगे।
शासन से बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली पुस्तकों की खेप लगातार आ रही है। जैसे ही पुस्तकें प्राप्त हो रही हैं उनका सत्यापन कराकर बच्चों को वितरण कराया जा रहा है, जिससे पढ़ाई पर असर न पड़े- राजीव यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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