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UP News: 318 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट में धांधली, इंजीनियरों को लगी फटकार... थमाया गया नोटिस; तलब किया लखनऊ

Wed, 21 Aug 2024 06:33 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी में प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने वेस्टर्न जोन सीवर योजना पर नाराजगी जताई। उन्होंने सुधार के लिए 15 दिन का वक्त दिया। अधिकारियों को रिपोर्ट लेकर लखनऊ तलब किया है। 
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धांधूपुरा एसटीपी पर ट्रीटमेंट के बाद पानी की गुणवत्ता देखते प्रमुख सचिव अमृत अभिजात - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में 318 करोड़ रुपये के वेस्टर्न जोन सीवरेज प्रोजेक्ट में हुई धांधलियों पर जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत इंजीनियरों को फटकार लगाई गई है। दो दिन के दौरे पर आगरा आए प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने जल निगम के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सुधार के लिए उन्होंने 15 दिन का वक्त दिया है और उसके बाद रिपोर्ट लेकर इंजीनियरों को लखनऊ तलब किया है।

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सोमवार को पार्षदों ने आवास विकास कॉलोनी, पश्चिमपुरी, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, लोहामंडी में नई बिछाई सीवर लाइन के उफनने, चोक हो जाने और कनेक्शन न करने की शिकायत की थी। इस पर मंगलवार को प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर स्वतंत्र सिंह को सार्वजनिक रूप से फटकारा और चेतावनी दी कि वेस्टर्न जोन सीवरेज प्रोजेक्ट में की गई गड़बड़ियों को 15 दिन में सुधार दें। 

कॉलोनियों में उन्हें सीवर लाइन को नालियों से जोड़ देने, घरों के कनेक्शन न करने की शिकायतें मिली थीं। जल निगम के चीफ इंजीनियर आर के पंकज से उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लें। उन्होंने फतेहाबाद रोड पर सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर सेनेटरी इंस्पेक्टर योगेंद्र कुशवाह को भी कारण बताओ नोटिस और चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
 

जहां सीवर उफना, वहां न ले गए इंजीनियर

प्रमुख सचिव अमृत अभिजात को सेक्टर 4 रोड के घरों के कनेक्शन दिखाए गए, लेकिन 24 बार धंसी सड़क पर नहीं ले गए। इसी तरह बोदला रोड, मारुति एस्टेट, श्याम नगर पर वेस्टर्न जोन सीवर प्रोजेक्ट में बिछाई नई सीवर लाइन के चोक होने और सीवर बहने की जगह नहीं ले गए, पर पार्षदों ने जल निगम के इंजीनियरों की पोल खोल ही दी। मंगलवार को हुई बैठक में उन्होंने मनीषा प्रोजेक्ट्स की लाइनों के जुड़े न होने, घरों के कनेक्शन न होने, नालियों में डालने पर एतराज जताया और प्रोजेक्ट मैनेजर स्वतंत्र सिंह पर नाराजगी जताई।
 

धांधूपुरा एसटीपी के पानी की जांच की

प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने 78 एमएलडी एसटीपी धांधूपुरा में सीवेज ट्रीटमेंट को देखा और पानी के आउटलेट और इनलेट के पानी की जांच की। उन्होंने एसटीपी के पानी को गिलास में भरकर देखा। वीए टेक वबाग के प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज त्रिपाठी ने उन्हें एसटीपी की प्रक्रिया की जानकारी दी, जिस पर उन्होंने इस पानी का गिलास देखकर कहा कि किसानों को खेती के लिए यह पानी अन्य एसटीपी से भी दिया जाए।
 

ज्यादा पॉलिथीन पर ज्यादा जुर्माना लें

प्रमुख सचिव ने मंडलायुक्त कार्यालय में हुई समीक्षा में कहा कि ज्यादा पॉलीथिन ज्यादा जुर्माना की व्यवस्था लागू करें। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें। निगम ने बीते साल 45 लाख और इस साल अब तक 20 लाख रुपये वसूले हैं। उन्होंने शहर में तीन अमृत सरोवरों के काम की समीक्षा की। पालीवाल पार्क के तालाब पर काम के लिए कहा, वहीं नेचर वॉक और सर्किट हाउस में एसटीपी निर्माण के प्रस्ताव भेजने को कहा। 
 
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नगर निकायों को एक एकड़ में मियाबाकी वन बनाने के निर्देश दिए और जल निगम, पीडब्लूडी से काम करने पर लिखित में एनओसी लेने के कड़े निर्देश दिए, ऐसा न करने पर एफआईआर कराने व जुर्माना लगाने को कहा। बैठक में मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी, डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।

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