फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंजीनियरिंग छात्र सुसाइड केस: नोट लिख तीन को ठहराया था जिम्मेदार, पुलिस ने दी क्लीन चिट, दोबारा होगी विवेचना

Wed, 19 Apr 2023 10:16 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में इंजीनियरिंग छात्र के सुसाइड केस मामले में दोबारा विवेचना होगी। दरअसल छात्र ने सुसाइड नोट में तीन लड़कों को जिम्मेदार ठहराया था। जबकि जांच में पुलिस ने उनको क्लीन चिट दे दी। इसको लेकर पिता ने प्रार्थना पत्र दिया है।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग छात्र ने सुसाइड नोट लिख खुदकुशी की थी। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक साल पहले इंजीनियरिंग छात्र की खुदकुशी के मामले में दोबारा विवेचना होगी। पुलिस ने तीन आरोपियों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में क्लीन चिट दे दी थी। एक आरोपी के खिलाफ मारपीट की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया था। मृतक के पिता ने कोर्ट में आपत्ति लगाई। पुलिस विवेचना पर सवाल उठाए। अब कोर्ट ने पुन: विवेचना के आदेश किए हैं।

विज्ञापन


नगला पदी स्थित देवी नगर निवासी धनंजय तिवारी आरबीएस कालेज से बीटेक कर रहा था। नौ अप्रैल 2022 को उसने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था। छात्र ने अपनी मौत के लिए तीन युवकों को जिम्मेदार ठहराया था। छात्र के पिता अनूप तिवारी भाजपा नेता हैं। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया।

विवेचक ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया

न्यू आगरा थाना पुलिस ने 18 अप्रैल को बाग मुजफ्फर खां निवासी मयंक शर्मा को जेल भेजा। 26 अप्रैल 2022 को विवेचवक दीपक चंद्र दीक्षित ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने केस में धारा 306 का लोप किया। इसके पीछे वजह लिखी कि 19 मार्च को धनंजय और मयंक के बीच विवाद हुआ था। मयंक शर्मा के खिलाफ सिर्फ धारा 323 के अपराध के ही साक्ष्य मिले हैं। आरोपी मयंक को जमानत मिल गई थी। 14 मई को विवेचक ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

थाना न्यू आगरा प्रभारी निरीक्षक को दिए आदेश

मृतक के पिता ने कोर्ट में आपत्ति लगाते हुए कहा कि विवेचक ने सुसाइड नोट हस्तलेख मिलाने के लिए नहीं भेजा था। छात्र के मृत्यु पूर्व व्हाटस एप, इंस्टाग्राम की चैट को विवेचना में शामिल नहीं किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद धारा 173 (8) में प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक को आदेश दिया कि धारा 306 के संबंध में पुन: स्वतंत्र विवेचना स्वयं अथवा अन्य विवेचक से संपन्न कराकर 17 मई तक न्यायालय के समक्ष प्रेषित करें। कोर्ट में वादी की ओर से अधिवक्ता समीर भटनागर ने पैरवी की।

सुसाइड नोट में यह लिखा

डायरी के पेज पर सुसाइड नोट मिला था। यह रोमन भाषा में था। लिखा था कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। आईएम रियली सॉरी। मयंक शर्मा, संचित गुप्ता और एक मयंक का भाई को दिखलाना बाकी है। गोलू भाई इन लड़कों को देख लेना। यह सुसाइड नहीं काइंड आफ मर्डर है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें