आगरा फोर्ट स्टेशन के सामने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पर हंगामा हो गया। चाय विक्रेता पहले निगम की टीम से भिड़ गया, बाद में पर्यावरण अभियंता पर हमला बोल दिया। ईंट-पत्थर फेंकने लगा। इससे अफरातफरी मच गई। कर्मियों ने रोका तो हाथापाई कर दी। अभियंता पर ईंट लेकर भी दौड़ा। हंगामा होने पर पुलिस पहुंची, लेकिन मूकदर्शक बनी रही। यही वजह रही कि आरोपी भाग निकला। इसके बाद अधिकारियों ने भी कोई कार्रवाई नहीं कराई।
शुक्रवार पूर्वाह्न तकरीबन 11 बजे ट्रैफिक पुलिस और निगम की टीम बिजली घर चौराहे पर पहुंची। सड़क के दोनों तरफ से दुकानों के बाहर सड़क पर रखा सामान हटवाया। टीम फोर्ट स्टेशन रोड की ओर बढ़ गई। कई खोखे, ठेल और तख्त रखकर चाय और पान मसाला की दुकानें लगी थीं। टीम ने दुकानदारों से सामान हटाने के लिए बोला। जिसने विरोध किया पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली में उसका सामान भर लिया। फोर्ट स्टेशन के सामने सड़क पर तख्त रखकर चल रही चाय की दुकानों को हटाने पर दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
एक चाय विक्रेता सत्तार ने अपना सामान दुकान के पीछे पार्क में रख दिया। इस पर निगम टीम ने सामान हटाने को बोला तो वह पर्यावरण अभियंता राजीव राठी से भिड़ गया। उसने पथराव शुरू कर दिया। अभियंता की तरफ भी ईंट लेकर दौड़ा। कर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो हाथापाई और धक्कामुक्की कर दी। दुकानदार इकट्ठा हो गए। हंगामा होने लगा। इससे अफरातफरी मच गई। पुलिस भी पहुंची, लेकिन आरोपी को पकड़ने की जरूरत नहीं समझी । बाद मेें दुकानदार भाग निकला। पुलिस ने उसका सामान कब्जे में ले लिया। इसके बाद टीम आगे बढ़ी। बिजली घर स्थित निजी बस स्टैंड पर फुटपाथ पर बनी 25 से ज्यादा अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। एसपी ट्रैफिक डा. राम सुरेश यादव ने बताया कि 40 से ज्यादा खोखे और 30 अस्थायी दुकानों को हटाया है। अतिक्रमण करने पर कई फड़ और खोखे वालों के चालान भी काटे हैं। अभियान का किसी दुकानदार ने विरोध नहीं किया गया।
पुलिस बनी रही मूकदर्शक
पुलिस के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पर्यावरण अभियंता राजीव राठी से हाथापाई और पथराव करने वाला आरोपी दुकानदार पुलिस के रवैये से भाग निकला। उसने अभद्रता की, इसके बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिस ने आरोपी को रोकने तक की कोशिश नहीं की। पुलिसकर्मी यह नजारा बड़े आराम से ही देखते रहे। दुकानदार की हरकत पर अभियान में भी व्यवधान पड़ा। वह बडे़ आराम से स्टेशन की तरफ भाग भी निकला। इतना सब होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कराई गई। अधिकारी की ओर से भी कोई तहरीर नहीं दी गई है। आसपास के दुकानदारों ने आरोप है कि पुलिस हर हफ्ते वसूली करती है। अगर, कोई रकम नहीं देता है तो पुलिस उसकी दुकान (खोखा, ठेल, तख्त) को हटवा देती है।
40 फीट की सड़क पर 15 फीट तक कब्जा
बिजली घर से फोर्ट स्टेशन की तरफ जाने वाले रोड पर लोगों ने 15 फीट तक दोनों तरफ की सड़क घेर रखी थी। अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क पर यातायात सुलभ हो गया। पुलिस ने अतिक्रमण जरूर हटाया, लेकिन सड़क पर आटो की पार्किंग पर ध्यान नहीं गया। आटो की पार्किंग सड़क पर बनी है।
रोजी रोटी ही चली जाएगी तो कहां जाएंगे
चाय विक्रेता रामकिशोर ने बताया कि उनकी रोजी रोटी का कोई और साधन नहीं है। जब यही चला जाएगा तो वह कहां जाएगा। पुलिस ने पहले से कभी कुछ नहीं बताया।