डीसी वैदिक कॉलेज के सामने तालाब का सर्वे करने पहुंची प्रशासनिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
आगरा सदर तहसील क्षेत्र में ऐसे 15 मामले सामने आए हैं, जिनमें तालाब से कब्जेदारों को बेदखल कर दिए जाने के अदालत के आदेश के बावजूद राजस्व विभाग की टीम कब्जा लेने के लिए नहीं गई। ऐसे भी मामले हैं, जिनमें एक साल तक कब्जा नहीं लिया गया। इससे कब्जेदारों को उच्च न्यायालय में जाने का मौका मिल गया और मामला फिर से कानूनी पेंच में फंस गया।
ऐसा ही एक मामला गांव मोहम्मद का है। खसरा 235 में 1380 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में तालाब था। इसमें 940 वर्ग मीटर जमीन खाली थी। बाकी भूमि पर अवैध कब्जे व अतिक्रमण हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मौली ने इस तालाब के कब्जे की जांच कराई तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई।
उन्होंने बताया कि तालाब पर अतिक्रमण करने वाले छीतर सिंह व अन्य लोगों को सन 2017 में राजस्व न्यायालय ने धारा 67 के तहत बेदखल कर दिया गया था, परंतु एक साल तक राजस्वकर्मियों ने कब्जा नहीं लिया। इसके बाद 2018 में कब्जेदार ने बेदखली के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील दाखिल कर दी। पिछले दो साल से मामला लंबित है। इधर, तालाब की जमीन पर कब्जेदार ही काबिज है।