बाथरूम में युवतियों को देख रहे कृष्ण-बलराम गेस्ट हाउस के कर्मचारी की जमकर धुनाई लगाई गई। युवतियों ने कर्मचारी को गोविंदनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हालांकि युवतियों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी।
पुलिस को कर्मचारी को छोडना पड़ा। इतना जरूर है कि मथुरा-वृंदावन घूमने आने वाले श्रद्धालुओं के संग ऐसा व्यवहार सवाल खड़े करता है। पुलिस को ऐसे गेस्ट हाउसों पर लगाम लगाने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल के कोलकता से मथुरा-वृंदावन दर्शन को युवतियों का एक दल आकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पोतराकुंड के पास कृष्ण बलराम गेस्ट हाउस में रुका था। इस दल ने पांच कमरे किराए पर लिए।
गीजर खराब होने का बहाना बनाकर गेस्ट हाउस के कर्मचारी ने कमरा नंबर 202 के बाथरुम में नहाने के लिए कहा। युवतियां बाथरुम में नहाने लगी तो कर्मचारी बराबर के कमरा नंबर 201 से झांकना शुरू कर दिया।
इसका अहसास युवतियों को हुआ तो कर्मचारी की पकड़कर मजामत कर डाली और युवतियों ने गेस्ट हाउस में हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची गोविंदनगर पुलिस के सुपुर्द कर्मचारी को कर दिया गया।
पुलिस ने तहरीर देने के लिए कहा तो युवतियां तैयार नहीं हुई। फिर पुलिस ने कर्मचारी को हिदायत देकर छोड़ दिया। प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर नहीं मिली तो कर्मचारी हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
गेस्ट हाउस-धर्मशालाओं की पुलिस परखे व्यवस्था
श्रद्धालुओं के साथ यह घटना शर्मसार करने वाली है। मथुरा-वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना में लाखों श्रद्धालु दर्शन को आते हैं। अगर ऐसा श्रद्धालुओं के संग हुआ तो भगवान के प्रति विश्वास उठा जाएगा, वहीं श्रद्धालुओं में कमी भी आ जाएगी। ऐसे गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं पर पुलिस को अंकुश लगाने की जरुरत है। रोज नहीं तो एक सप्ताह में इनकी चेकिंग करके हालत परखने की पुलिस को जरुरत है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश तो लगेगा, वहीं कृष्ण की नगरी बदनाम होने से भी बच सकेगी।