हवा को जहरीला करता काला धुआं ।
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ताजनगरी को जहरीले स्मॉग के चैंबर में कैद करने का सबसे ज्यादा दोषी नेशनल हाइवे अथॉरिटी है, जिसने प्रदूषण नियंत्रण के किसी मानक का पालन ही नहीं किया। एक दो नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पांच बार चेतावनी और शिकायत के बाद भी नेशनल हाइवे के अफसरों ने धूल पर नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तक नहीं किया। ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के चेयरमैन को मिले विशेष अधिकार के तहत दो दिन पहले ही जांच रिपोर्ट के बाद सेक्शन 5 का नोटिस नेशनल हाइवे को जारी किया गया है। इस नोटिस के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी के निर्माण कार्य कभी भी बंद कराए जा सकते हैं।
450 पहुंची पीएम कणों की संख्या
बुधवार को संजय प्लेस स्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑटोमेटिक स्टेशन के आंकड़ों के मुताबिक, आगरा में पीएम 2.5 कणों की संख्या मानक से 8 गुना ज्यादा यानी 450 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर पहुंच चुकी है। नाइट्रोजन डाइक्साइड पांच गुने से ज्यादा 161 पर है वहीं कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा 112 पर रही जो मानक से 33 गुना ज्यादा है।
सुबह की सैर से बचें शहर के लोग
शहर में प्रदूषण के हालात बेहद खराब हैं। सुबह की सैर को स्वास्थ्य की कुंजी मानने वालों के लिए इन दिनों टहलना घातक है। सुबह 4 बजे भी पीएम कणों की संख्या मानक से तीन गुना ज्यादा यानी 200 के पार रही। दोपहर में तो प्रदूषण तत्वों की मात्रा कई गुना ज्यादा बनी रही। शहर के चिकित्सकों ने भी सुबह स्मॉग छाए रहने के कारण सैर की मनाही की है।