कासगंज। गंगा की धारा के चलते तटों पर होने वाले कटान से 20 से अधिक गांव की करीब 50 हजार की आबादी के सामने बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसके समाधान के लिए शासन ने तटबंध निर्माण की योजना को स्वीकृति दी है। इसके तहत चार गांवों के बाहर तटबंध बनाए जाएंगे। लखनऊ में प्रस्तावों के प्रजेंटेशन के पश्चात शासन के स्तर से इसे मंजूरी की दे दी गई है। अब धन अवमुक्त होते ही इन प्रस्तावों पर कार्य आगे बढ़ सकेगा।जिले में गंगा कटान खादर के इलाकों में एक बड़ी समस्या है। बरौना, सहवाजपुर, मेहोला, कादरगंज पर लगातार गंगा की धारा पिछले काफी समय से कटान कर रही है। इसके चलते ग्रामीणों की काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। बरौना गांव में स्थिति काफी बिगड़ गई। यहां खेतों को काटकर गंगा की धारा ने गांव की आबादी में कटान शुरू कर दिया। कई ग्रामीणों के आशियाने गंगा में समा गए। बड़ी आपदा को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं अगस्त माह में बरौना पहुंचकर बिगड़े हालात का जायजा लिया। इसके बाद सिंचाई विभाग को भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर राहत व बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग के द्वारा प्रभावित इलाकों को व्यापक सर्वेक्षण करने के बाद तटबंधों के प्रस्ताव तैयार किए। शासन के द्वारा जियो ट्यूब के चार तटबंध बनाने के प्रस्ताव तैयार किए। इनके प्रस्तावों की अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये की है। प्रस्तावों पर शासन स्तर पर काफी मंथन किया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्रजेंटेशन दिया गया। उसके बाद तटबंधों को बनाने की मंजूरी मिल पाई। प्रभावित इलाकों में कटान रुकने के बाद करीब 20 गांव के 50 हजार लोगों तक इसका लाभ पहुंचेगा। क्योंकि तटबंध टूटने पर गंगा का पानी कई गांव तक पहुंचता है।