आगरा मेट्रो के लिए कार्य तेजी से शुरू हो गया है। दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसकी दूरी करीब 15 किलोमीटर है। ऐसे में लोगों के एमजी रोड पर जाम की समस्या से अभी से जूझना पड़ रहा है।
आगरा मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। ये एलिवेटेड है। इसमें 14 स्टेशन हैं। इसकी दूरी करीब 15 किलोमीटर है। दो चरणों में इसका निर्माण होगा। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि पहले चरण में कैंट, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट और आगरा कॉलेज तक ट्रैक बनेगा। कार्य 24 महीने में पूरा होगा। इसके लिए पिलर बनाने का कार्य शुरू हो गया है। पिलर के लिए सीमित दूरी तक बैरिकेडिंग की जा रही है।
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हरीपर्वत से कालिंदी विहार तक लगेंगे 30 महीने
हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज की पुलिया, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, मंडी समिति और कालिंदी विहार दूसरे चरण में बनेंगे। इसमें 30 महीने लगेंगे। एमजी रोड से होते हुए भगवान टॉकीज चौराहा से सुल्तानगंज की पुलिया के बाद ट्रैक हाईवे को पार करते हुए दायीं ओर मुड़ जाएगा। यमुना पर नया पुल बनेगा, यहां हाईटेंशन लाइन को अंडरग्राउंड किया जाएगा। मंडी समिति पर हाईटेंशन लाइन को 26 मीटर तक ऊंचा करने की योजना है।
एमजी रोड पर मेट्रो का काम, हर दिन लग रहा घंटों जाम
एमजी रोड पर मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर का काम शुरू होते ही वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ने लगी है। प्रतापपुरा से लेकर सेंट जोंस चाैराहे तक बैरिकेडिंग लगाने से वाहनों की लंबी कतार लग रही है। ऑफिस से आने-जाने का समय हो या फिर स्कूल-काॅलेज की छुट्टी, ऐसे समय लोग जाम में घंटों फंस रहे हैं। यही हाल हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल से लेकर सिकंदरा के बीच है। यातायात पुलिस के पास फिलहाल कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं है।
मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक निर्माण के लिए सेंट जोंस से राजामंडी, भारतीय स्टेट बैंक तिराहे से साईं का तकिया, साईं का तकिया से प्रतापपुरा चाैराहे तक बैरिकेडिंग कर दी गई है। डिवाइडर के दोनों ओर एक-एक लेन को घेर लिया गया है। इससे दोनों तरफ एक-एक लेन से ही वाहन निकल रहे हैं। एमजी रोड पर महानगर बसों से लेकर कार, ऑटो, ई-रिक्शा, एंबुलेंस, स्कूल बस और वैन का आवागमन होता है। आम दिनों में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दिक्कत रहती है। अब बैरिकेडिंग होने से यह समस्या बढ़ गई है। रात में भारी वाहन भी निकलते हैं।
कहां-कहां दिक्कत
- रावली महादेव मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की हर सोमवार को भीड़ रहती है। इससे जाम लगता है। मेट्रो के काम से समस्या और बढ़ेगी।
- सेंट जोंस से राजामंडी की तरफ हरीपर्वत, घटिया आजम खां और लोहामंडी की ओर से वाहन जाते हैं। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक वाहनों की कतार लग रही।
- साईं का तकिया पर आम दिनों में भीड़ रहती है। बैरिकेडिंग लगाए जाने से दोनों तरफ एक-एक लेन घिर गई हैं। लिंक मार्ग छीपीटोला और नामनेर पर अतिक्रमण होने की वजह से वाहनों का निकलना मुश्किल है।
- प्रतापपुरा से बालूगंज मार्ग तक अतिक्रमण की समस्या है। चाैराहे पर पेट्रोल पंप के साथ दुकानें हैं। लोगों के खड़े होने से वाहन फंसते हैं। साईं की तकिया की तरफ टर्न लेने के दाैरान दिक्कत बढ़ेगी।
- हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल से सिकंदरा तक दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाने से हाईवे की दो-दो लेन घिर गई हैं। इससे खंदारी की तरफ से आने वाले वाहन धीमी गति से निकल रहे हैं। इस वजह से जाम लग रहा है।
- यही स्थिति सिकंदरा की तरफ से गुरुद्वारा की तरफ आने वाले वाहनों की भी है। गुरुद्वारा से पहले वाहनों के रुकने से कतार लग रही है।
मार्शल लगाने के लिए पुलिस ने लिखा पत्र
एमजी रोड से वाहनों को परिवर्तित करके निकालने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। अगर, एमजी रोड के लिंक मार्ग होते हुए वाहन निकाले जाएंगे तो वहां भी जाम की समस्या होगी। यातायात पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग लगने के बाद मेट्रो को पत्र लिखा गया है। बताया गया है कि एमजी रोड पर बने फुटपाथ को कम करने और मार्शल की तैनाती की जाए, जिससे कार्य पूरी तरह से शुरू होने पर वाहनों का आवागमन आसानी से हो सके। एसीपी यातायात सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि यातायात सुगम करने के लिए मेट्रो अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उचित इंतजाम करने के लिए बोला गया है। यातायात पुलिसकर्मी भी अलग से तैनात किए जा रहे हैं।
इंतजाम नहीं तो बढ़ जाएगा खतरा
सिविल सोसाइटी के सदस्य डाॅ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर में शामिल है कि यातायात सुगम रहे। जहां सड़क निर्माण की जरूरत हैं, वहां सड़क बनाई जाए। यातायात संचालन के लिए मार्शल लगें। ट्रैफिक लाइट के उचित इंतजाम होने चाहिए। एमजी रोड पर रात के समय भारी वाहन निकलते हैं। अगर, व्यवस्थित तरीके से वाहन नहीं निकले तो हादसों का खतरा भी बढ़ जाएगा।