मथुरा में एक एनजीओ द्वारा संचालित भारत के एकमात्र हाथी बचाव केंद्र को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से नोटिस मिला है। नोटिस में इसकी वैधता को लेकर सवाल उठाया गया है।
केंद्रीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत सभी चिड़ियाघरों को सीजेडए से पूर्व अनुमति लेनी होती है। नोटिस के अनुसार एनजीओ वाइल्डलाइफ एसओएस ने पूर्व अनुमति नहीं ली थी।
वाइल्डलाइफ एसओएस के एक प्रवक्ता ने हालांकि स्पष्टीकरण दिया कि उनका केंद्र कोई चिड़ियाघर नहीं है और उनका अभियान उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से चल रहा है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं नरेश कादयान और गौरी मौलेखी की शिकायत के बाद यह नोटिस जारी किया गया। दोनों ने प्राधिकरण से शिकायत कर उल्लंघन का आरोप लगाया था।