मथुरा में बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) प्रदीप कुमार की हत्या में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। इससे बिजली कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कैंट स्थित बिजलीघर पर बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी रहा।
बिजली कर्मचारियों ने कहा कि अभी तक हत्याकांड का खुलासा नहीं किया जा सका है। साथ ही जेई को शहीद का दर्जा देने, परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी नहीं मानी गई हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में मामले का खुलासा नहीं किया गया तो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सभी जिलों के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे।
जेई हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की दस टीमें भी जुटी हैं, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है। इससे कर्मचारियों का गुस्सा थम नहीं रहा। मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर कर्मचारियों ने सभा कर जेई को श्रद्धांजलि दी।
ये लोग रहे मौजूद
सभा की अध्यक्षता तीनों अधीक्षण अभियंता अजय गर्ग, विनोद कुमार गंगवार, प्रदीप खत्री ने की। विरोध सभा मको अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार, मनीष गुप्ता सचिन गुप्ता, एनपी सिंह, सचिन शर्मा, महेंद्र कुमार, राजीव कालरा, विजय कुमार, मोहन बाबू, देश दीपक, राजीव तिवारी ने संबोधित किया।
यह था मामला
पानीगांव बिजलीघर से लौट रहे जेई प्रदीप कुमार की 16 जनवरी की रात थाना जमुनापार क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों में उबाल है।
17 जनवरी से ही बिजली कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मंडलायुक्त अनिल कुमार, आईजी ए.सतीश गणेश, एमडी सौम्या अग्रवाल मथुरा पहुंचकर घटना का शीघ्र खुलासा होने का आश्वासन दे चुके हैं।