आगरा में कभी नहीं बना पिछड़ा वर्ग से मेयर
आगरा में कभी नहीं बना पिछड़ा वर्ग से मेयर
आगरा। नगर निगम के इतिहास में पिछड़ा वर्ग से कभी कोई मेयर नहीं बना है। नगर में पिछड़ा वर्ग की आबादी 30 प्रतिशत से कम अनुमानित है। नए आरक्षण की अधिसूचना एक सप्ताह में हो सकती है।
दिसंबर में जारी अधिसूचना को निरस्त करते हुए पिछड़ा वर्ग आयोग की सर्वे अनुसार इस बार नगर निकाय चुनाव होंगे। नगर में 100 वार्ड हैं। अनुसूचित वर्ग महिला के लिए पिछली अधिसूचना में आगरा नगर निगम मेयर सीट आरक्षित हुई थी। पिछड़ा वर्ग सर्वे के बाद नई अधिसूचना में आगरा मेयर सीट पर बदलाव की उम्मीद जानकारों को नजर नहीं आ रही। 100 वार्डों में 27 वार्ड पहले से ही पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। जिले में नगर निगम के अलावा सात नगर पंचायत व पांच नगर पालिका हैं। उनमें भी चुनाव होने हैं। नगर निगम में 14 लाख से अधिक मतदाता हैं। जिनमें अनुसूचित, पिछड़ा व सवर्ण मतदाता बहुल सीट है। जिला प्रशासन ने नई अधिसूचना को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण चल रहा है। 2023 निकाय चुनाव में वार्डो का परिसीमन हुआ है। नए क्षेत्र जोड़े गए हैं। कई वार्डों के नंबर बदल गए हैं।