खाली पड़ी जमीन पर आलू रखने के विवाद में वृद्ध की गोली मारकर हत्या और महिला को कुल्हाड़ी से गंभीर घायल करने के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी पाया। अपर जिला जज लोकेश कुमार ने हत्या में फतेहाबाद के गांव गुवरौठ निवासी गनपति सिंह को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं गंभीर चोट पहुंचाने के दोषी उनके भाई डोरीलाल को 3 साल का कारावास और 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
थाना फतेहाबाद में दर्ज केस के अनुसार बच्चू सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 20 अक्तूबर 2018 को उनकी ताई नारायणी देवी की खाली पड़ी जमीन पर पड़ोसी सुम्मेर सिंह ने आलू का बीज रख लिया था। इससे नाराज होकर गनपति सिंह और उसके भाई डोरीलाल ने विरोध किया तो पिता सुंदर सिंह ने कहा कि खाली जगह है, आलू रख लिए तो आपको क्या परेशानी है।
दोनों भाई जान से मारने की धमकी देकर चले गए। रात करीब 9 बजे दोनों ने हमला कर दिया। पिता और ताई को इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर जाते समय पिता सुंदर सिंह की रास्ते में मौत हो गई। 8 जून 2019 को पुलिस ने गनपति को 20 जनवरी 2020 को डोरीलाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचक ने 9 जनवरी 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया था।