सिस्टम की आंखों पर बंधी गांधारी-सी पट्टी और लापरवाही ने एक और जान ले ली। केदार नगर में राजकमल इंटर कॉलेज के सामने शुक्रवार रात खुले पड़े गहरे नाले में शंकरपुरी निवासी ओमप्रकाश देवानी (69) गिर पड़े। क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें निकाला और घर भेज दिया। घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। नगर निगम की लापरवाही के कारण 10 दिन में ये दूसरी माैत है।
फ्रीगंज में 26 अगस्त को 69 साल की बुजुर्ग महिला शीला देवी की नाले में गिरकर माैत हो गई थी। अब ओमप्रकाश निगम की लापरवाही का शिकार हो गए। उनके बेटे आशीष देवानी ने बताया कि शंकरपुरी कॉलोनी में उनका निवास है। पिता ओमप्रकाश देवानी जैन दादावाड़ी के पास एक स्टेशनरी की दुकान में काम करते थे।
शुक्रवार को बारिश के कारण उन्हें दुकान से निकलने में देरी हो गई। रात करीब 11:30 बजे वह घर आ रहे थे। जलभराव के कारण वह सड़क समझकर केदार नगर नाले में गिर गए। समीर नाम के युवक ने लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। उनके पेट में गंदा पानी भर गया था और वह बेहोश हो गए थे। होश में आने पर घर का पता बताया। लोगों ने सूचना दी तो वह पिता को एंबुलेंस से लेकर घर आए।
अस्पताल के रास्ते में ही हो गई मौत
आशीष ने बताया कि घर पहुंचते ही पिता की तबीयत बिगड़ गई। जब तक वह निजी अस्पताल पहुंचे तब तक पिता ने दम तोड़ दिया। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। आशीष ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत सिस्टम की लापरवाही से हुई है। अगर नाले की बाउंड्री ऊंची होती और यह ढका होता तो हादसे से बचा जा सकता था। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
मैं नगर आयुक्त से छह माह से लगातार नाले की सफाई कराने और ढकने की मांग कर रहा हूं। यह पूरी तरह से निगम इंजीनियरों की लापरवाही से मौत का मामला है। रामनगर पुलिया से अवधपुरी और पृथ्वीनाथ फाटक तक जलभराव होता है। नाले और सड़क का पता ही नहीं चलता। - गुड्डू मेनन, पार्षद, केदार नगर
शंकरगढ़ पुलिया पर नाले और सड़क के बीच कोई बाउंड्री नहीं है। नालों को ढका नहीं गया है। यहीं पर स्कूटर सवार की मौत हो चुकी है। अब एक और बुजुर्ग की जान चली गई। नालों को तत्काल ढकने का काम किया जाए। -रवि दिवाकर, पार्षद, आजमपाड़ा