मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की मोबाइल लैब दो दिवसीय भ्रमण पर मैनपुरी पहुंची थी। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को लैब ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की। आठ नमूने फेल पाए गए। कमियों की जानकारी देते हुए दुकानदारों को सुधार के लिए निर्देशित किया।
प्रत्येक माह मोबाइल लैब दो दिन के लिए मैनपुरी जिले में आती है। इसके माध्यम से कोई भी खाद्य पदार्थ विक्रेता अपने खाद्य पदार्थ की निशुल्क जांच करा सकता है। जांच में नमूना फेल होने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसका उद्देश्य जागरूकता फैलाना है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मोबाइल लैब ने भोगांव, बेवर, मैनपुरी, विघरई और घिरोर में 47 खाद्य पदार्थों की जांच की। इसमें 39 नमूने पास हुए तो वहीं आठ फेल पाए गए।
फेल नमूनों में बर्फी, सरसों का तेल, भुना चना, दूध और खोवा शामिल हैं। बर्फी में एल्युमिनियम वर्क लगाया गया था जो मानव शरीर के लिए हानिकारक है। सरसों का तेल और चने में रंग की मिलावट की गई थी जबकि दूध में पानी और खोवा में स्टार्च पाया गया। विक्रेताओं को जांच रिपोर्ट के अनुसार मिली कमियों को दूर करने के लिए कहा गया। इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामसुंदर पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सनोज कुमार और जयदीप मौर्या मौजूद रहे।