मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में आठ साल पहले महिला की मौत के मामले में एफटीसी प्रथम की जज अनीता ने दंपती को सात साल की सजा सुनाई है। पति पर पहली पत्नी को आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप है। दंपती पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना औंछा के देवपुरा निवासी दिनेशचंद्र की शादी 1997 में सविता के साथ हुई थी। दो साल बाद दिनेशचंद्र ने पत्नी से संबंध विच्छेद किए बिना गंाव की ही प्रीती के साथ दूसरी शादी कर ली। दिनेश ने सविता के साथ मारपीट की तो वह मायके जाकर रहने लगी। 20 अगस्त 2016 को दिनेश सविता को घर ले आया। यहां दिनेश और प्रीती ने सविता के साथ मारपीट की। सविता ने 20 अगस्त की रात मकान के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। पिता राजबहादुर ने पति दिनेश, दूसरी पत्नी प्रीती, जेठ लंकुश, दयालचंद्र के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई।
पुलिस ने दिनेश और प्रीती के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने दंपती को कड़ी सजा देने की दलील दी। साक्ष्य और गवाही के आधार पर जज ने दंपती को आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी पाया। दंपती को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
जेठ को पाया निर्दोष
जेठ लंकुश तथा दयालचंद्र के खिलाफ भी सविता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने जांच में दोनों को निर्दोष पाकर उनका नाम निकाल दिया।
दूसरी शादी पर पंाच साल की सजा
एफटीसी प्रथम की जज अनीता ने दिनेश को पहली पत्नी से संबंध विच्छेद किए बिना दूसरी शादी करने का दोषी पाया है। दिनेश और प्रीती को बराबर का दोषी पाकर पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। दोनों को अधिकतम सात साल की सजा हुई है।