सिपाही चार.., बदमाश आठ। सिपाहियों के पास थ्री नॉट थ्री की राइफलें और बदमाशों के पास तमंचे। सिपाही कुछ बेफिक्री से बैठे थे। बदमाश पूरी तैयारी से थे। सिपाहियों को अंदाजा नहीं था कि बदमाश अचानक हमला बोल देंगे। बदमाशों ने भी यह नहीं सोचा होगा कि एक सिपाही उनसे इतनी देर तक मुकाबला करेगा। यह हिम्मत थी कांस्टेबल जय नारायण की, जिसने एक बार तो बदमाशों के होश ही उड़ा दिए। उसने पहले भोला को दबोचा, इसके बाद उसके साथियों पर राइफल तान दी। उससे चूक यह हुई कि गोली नहीं चला पाया। उसकी राइफल का ट्रिगर दबने से पहले ही बदमाशों ने उस पर एक के बाद एक तीन गोलियां दाग दीं। वह लहूलुहान होकर गिर गया, तब भोला को छुड़ाया जा सका। अगर उसके साथी सिपाहियों ने भी इतना साहस दिखाया होता, तो बदमाशों पर पुलिस भारी पड़ सकती थी।
भोला के साथियों ने बस में सबसे पहले ड्राइवर की कनपटी पर तमंचा लगाया और बस रुकवा ली। सवारियां तो यही देखकर दहशत में आ गईं। पुलिस वाले कुछ समझ पाते इससे पहले उनकी आंखों में मिर्च पाउडर छिड़क दिया। वे आंखें मलने लगे, इसी बीच उन पर तमंचों की बट से वार शुरू कर दिए। भोला को एचसीपी सुभाषचंद्र, अजीत सिंह, अमरजीत और जयनारायण ले जा रहे थे। अमरजीत भोला को लेकर बैठा था। उसने ही हथकड़ी वाली रस्सी भी पकड़ रखी थी। पीछे की सीट पर एचसीपी सुभाष चंद्र, जबकि बगल की सीट पर जय नारायण और अजीत सिंह बैठे थे।
चश्मदीदों ने बताया कि बदमाशों ने जयनारायण को तमंचे दिखाए तो उसने उन पर राइफल तान दी। भोला ने भागने की कोशिश की, लेकिन जयनारायण ने राइफल ताने रखी। इससे वह डर गया। उसे शायद लगा कि कहीं गोली न चला दे। घायल जय नारायण ने बताया कि वह गोली चलाने ही वाला था लेकिन उससे पहले बदमाशों ने फायर कर दिए। उसे तीन गोलियां मारीं। बायें हाथ, बायीं जांघ और हाथ पर गोली लगी है। उसे नीचे गिरते ही बदमाश भोला को हथकड़ी सहित छुड़ाकर ले गए।
शक की सुई सासनी के बाबी पर भी
कुख्यात अपराधी सोनू गौतम गैंग के सक्रिय सदस्य पंकज उर्फ भोला अरुण फौजी और हरेंद्र राणा से भी जुड़ा रहा है। शॉर्प शूटर भोला की अपने ही गैंग के सदस्य नगनू की हत्या के बाद हरेंद्र राणा के साथ ठन गई थी। इसके बाद से सासनी का बदमाश बॉबी जाट उसका साथ दे रहा था। पुलिस इस बात की आशंका जता रही है कि भोला को छुड़ाने में बॉबी का हाथ हो सकता है।
अलीगढ़ के गांव ढाढौली निवासी शॉर्प शूटर पंकज उर्फ भोला काफी दुस्साहसी अपराधी और अलीगढ़ के सोनू गौतम गैंग का सक्रिय सदस्य भी है। उसने गत वर्ष 27 जनवरी को गैंग के अन्य साथियों के साथ मिलकर थाना हाईवे अंतर्गत गांव समसपुर के पास से डीग पेशी पर जा रहे कुख्यात अरुण फौजी को रोडवेज बस में पुलिस पर हमला कर छुड़ा लिया था।
इससे पूर्व पंकज उर्फ भोला का नाम सोनू गौतम और हरेंद्र राणा के साथ श्रीधाम एक्सप्रेस में सिपाही फैज मोहम्मद और मोहित भारद्वाज की हत्या में भी आया था। इस घटना में उसके विरुद्ध थाना जीआरपी आगरा में मामला दर्ज कराया गया था। बाद में मथुरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। मथुरा जेल से इसे मैनपुरी जेल भेज दिया गया था। 11 अप्रैल 2015 को जिला कारागार भेजा गया था। पंकज पर मथुरा, ग्वालियर, भरतपुर सहित अन्य जिलों में करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। जबकि पंकज का एक साथी सोनू गौतम वर्तमान में अलीगढ़ जिला कारागार में बंद है। हरेंद्र राणा इस समय फतेहगढ़ जेल में बंद है।
एएसपी सिटी के नेतृत्व में चार टीम गठित
पुलिस कप्तान पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस कस्टडी से भागे बदमाश पंकज और उसके साथियों की गिरफ्तारी को चार टीमें गठित की गई है। कइसमें एक टीम सीओ टूंडला प्रशांत कुमार, एसओजी नरेंद्र कुमार, कोतवाल दक्षिण श्रीप्रकाश यादव, तथा कोतवाल टूंडला के नेतृत्व में गठित की गई है। टीमों का नेतृत्व एएसपी उदय शंकर सिंह करेंगे।
जान बचाने को सीटों के नीचे छिप गए यात्री
आगरा/टूंडला। इस दुस्साहसिक वारदात के दौरान यात्रियों की सांसे अटकी रहीं। फायरिंग होते ही यात्री सीटों के नीचे छिप गए। घटना स्थल से लगभग दो किलोमीटर आगे हाईवे पर एक राज्यमंत्री को एस्कार्ट करने के लिए पुलिस खड़ी थी, लेकिन फायरिंग की आवाज को सुनकर भी वह घटनास्थल की ओर नहीं आई, एत्मादपुर से जरूर ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। जब तक ग्रामीण पहुंचते बदमाश फरार हो गए। बस में चीख पुकार मची थी। बदमाशों के भागने के बाद यात्री भी बस से उतरकर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लिए। प्रत्यक्षदर्शी सिपाहियों की माने तो कुछ समय के लिए तो ऐसा लगा कि अब जान जाने वाली है। बदमाशों के भागने के बाद दहशतजदां यात्री दूसरे वाहनों को रुकवाकर उनमें सवार होकर चले गए।
घटनाक्रम
सुबह 8.00 बजे: पुलिस लाइन के चार सिपाही पंकज को जेल से लेकर गए।
8.30: सुभाष तिराहे पर बस में मथुरा के लिए सवार हुए।
11.00: मथुरा न्यायालय में पेशी के लिए पहुंचे।
दोपहर 1.00 बजे: बजे पंकज को मथुरा न्यायालय से लेकर चले।
शाम 4.50 बजे: एत्मादपुर ढलान पर बस पहुंची तभी बदमाशों ने हमला बोला।
5.00: कोतवाल टूंडला पुलिस बल के साथ पहुंचे।
5.15: सिपाही जय नारायन को आगरा रेफर किया।
5.20: पचोखरा और एत्मादपुर पुलिस पहुंची।
5.30: सीओ टूंडला और सीओ एत्मादपुर पहुंचे।
5.40: दो और सिपाहियों को आगरा रेफर किया।
6.30: एसपी पीयूष श्रीवास्तव और एएसपी उदय शंकर सिंह पहुंचे।
7.30: आईजी आगरा भी मौके पर पहुंचे और सिपाहियों से पूछताछ की।