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बकरीद पर विशेष- रब की राह में हर कीमती चीज त्यागने का संदेश है ईद-उल-अजहा

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कासगंज। बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह है। वहीं कोरोना के खौफ का साया भी दिख रहा है। लोगों ने त्योहार एहतियात के साथ मनाने की तैयारी की है। रब की राह में प्यारी व कीमती चीज त्यागने का संदेश देने वाला ईद-उल-अजहा इस्लामी साल के अंतिम माह जिलहिज्जा की 10 तारीख को मनाया जाता है।
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भरगैन की गौसिया मस्जिद के पेश इमाम हाफिज जुबैर अहमद कहते हैं कि ने इस दिन पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने रब की राह में अपने इकलौते बेटे पैगंबर हजरत इस्माइल की कुर्बानी पेश की थी। उन्हीं की याद में मुसलमान इस दिन को कुर्बानी के रूप में मनाते चले आ रहे हैं। कुर्बानी के लिए बकरा एक वर्ष से कम का न हो। यह त्योहार हमें कीमती से कीमती चीज को त्याग देने का संदेश देता है। कुर्बानी का सिलसिला तीन दिन चलता है। कुर्बानी के तीन हिस्से बराबर से करो। एक हिस्सा दोस्तों को, दूसरा हिस्सा गरीबों को और तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखो।
क्या कहते हैं जानकार
- एक रात पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को सपने में अल्लाह ने कहा कि तुम मेरी राह में सबसे कीमती चीज पेश करो। पैगंबर हजरत ने अल्लाह की राह में अपने इकलौते बेटे पैगंबर हजरत इस्माइल को कुर्बान करने की ठान ली। पैगंबर हजरत इस्माइल की गर्दन पर छुरी फेरी, उसी समय आकाशवाणी हुई कि बस हमने तुम्हारा इम्तिहान लिया था। देवदूत ने उसी समय एक भेड़ लेकर रख दी।- हाफिज जुबैर अहमद।
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- इस पर्व पर कोरोना का साया है। हमें पूरी एहतियात के साथ यह पर्व मनाना है। अल्लाह की इबादत में कुर्बानी दें और उसके बाद अमन चैन की दुआ करें। कोशिश करें की भीड़भाड़ में शामिल न हों। यह पर्व सादगी से मनाना है। पैगंबर हजरत ने अल्लाह के लिए अपनी संतान को भी कुर्बान करने की ठानी थी। हम तभी से यह पर्व मनाते हैं। हमें अल्लाह की इबादत सादगी से करनी है।- डॉ. लायक अली।
ईद पर सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
कासगंज। बकरीद को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की तैयारियां पूरी कर ली है। थानावार ड्यूटी लगाई गई है। वही ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस को सौंपी गई है। अफसरों ने स्पष्ट किया है कि कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए 50 से अधिक लोगों को एक बार में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि बुधवार को ईद उल अजहा पर्व है। मुस्लिम समुदाय इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाता है। कोरोना संक्रमण का भी डर है। नमाज स्थलों पर पुलिस, पीएसी तैनात रहेगी। मुस्लिम बाहुल्य इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात रहेगी और गस्त करती रहेगी। एसपी ने बताया कि इस पर्व को लेकर सुरक्षा का कड़ा खाका तैयार किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक जिले में भ्रमणशील रहेंगे। सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखेंगे। थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दें। और भ्रमणशील रहें। शांति भंग नहीं होनी चाहिए।
दिन भर हुईं तैयारियां
कासगंज। बकरीद को लेकर मुस्लिम समुदाय में मंगलवार को दिन भर तैयारियां होती रहीं। कुर्बानी के लिए अधिकतर लोग बकरे की खरीदारी कर चुके हैं। हर तरफ उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है। देर शाम मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की दुकानों पर रौनक रही, बाजारों में चहल-पहल रही। बकरीद को लेकर मुस्लिम समुदाय में घरों की साफ-सफाई से लेकर खरीददारी होती रही। लोग रुमाल, टोपी आदि खरीदते दिखे। लॉकडाउन न होने के कारण बाजारों में भीड़ देख दुकानदार उत्साहित नजर आए। सेवई की भी बिक्री हुई। सानू खान का कहना है कि बधाई देने पहुंचने वालों में शाकाहारी भी होते हैं, ऐसे में उनके लिए अलग से व्यवस्था की जाती है। संवाद
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