ईद उल जुहा (बकरीद) का त्योहार बुधवार को मनाया जाएगा। आगरा में कुरबानी के लिए जमकर बकरों की खरीदफरोख्त हो रही है। हींग की मंडी, सदर भट्ठी और नमक की मंडी में बकरों की बिक्री के लिए रात में मंडियां लगाई जा रही हैं।
मंटोला के हींग की मंडी, नमक की मंडी की बकरा मंडी में धौलपुर, भरतपुर, सैंया, एत्मादपुर, इरादतनगर, जगनेर और फिरोजाबाद से व्यापारी आ रहे हैं। मंडी में कुछ लोग अपने बकरे के ऊपर मजहबी बातों का लिखा हुआ बताकर ज्यादा कीमत मांग रहे हैं।
तोरा की पशु हाट में एत्मादपुर के व्यापारी वसीम का बकरा एक लाख रुपये में बिका। इसी तरह हींग की मंडी में भरतपुर के विनोद का बकरा 60 हजार रुपये में खरीदा गया। व्यापारियों ने लोगों को लुभाने के लिए बकरों को नाम भी रखे हुए हैं।
बकरों के रखे ये नाम
जगनेर के वहीद खां ने बताया कि वो कई सालों से बकरों को बेचते हैं। बकरों को बचपन से पालते हैं तो उनके नाम भी रखते हैं। वो इस दफा सलमान, शाहरुख और रहमान को लेकर आए थे। शाहरुख को छोड़कर बाकी की बिक्री हो गई।
इस दफा मंडी में बरबरा के अलावा जमुनापारी बकरों की भी अच्छी खरीद हुई है। पशु व्यापारी कई नस्लों के बकरों को लेकर आ रहे हैं। खरीददार बकरे की नस्ल, उसके वजन और स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं।
बकरे भी एक से बढ़कर एक नस्ल के हैं, इनमें तोतापरी, जमनापरी, बरबरा और अलबेरी को उम्दा नस्ल माना जाता है। फिलहाल बरबरा नस्ल के बकरे की कीमतें सबसे ज्यादा हैं। राजस्थान के व्यापारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि कई नस्ल के बकरे हैं, लेकिन कुरबानी के लिहाज से दो दांत और चार दांत वाले बकरों की खरीद होती है।