आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार है। ताजमहल सहित शहर की सभी मस्जिदों में बकरीद की नमाज को अदा की जाएगी। नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। बकरीद के चलते रविवार को बाजारों में ईद के लिए पकवान बनाने को खरीदारी की गई।
ईद की खरीदारी के चलते रविवार को सिंधी बाजार, राजामंडी, लोहामंडी, शाहगंज, फुव्वारा, जामा मस्जिद बाजार, शिवाजी मार्केट, सुभाष बाजार में काफी रौनक रही। बकरा मंडी में कुर्बानी के लिए बकरों के अलावा भैंसों की खरीद भी हुई। ऐसा पहली दफा हुआ।
शाही जामा मस्जिद, लोहामंडी की शाही मस्जिद, ताजमहल मस्जिद और ईदगाह पर होने वाली नमाज के लिए साफ सफाई और वुजू आदि की व्यवस्थाएं की गईं। वहीं बकरीद और सावन के अंतिम सोमवार के चलते प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
मस्जिद नमाज का वक्त
ईदगाह 7.00 बजे
शाही जामा मस्जिद 7.30 बजे
अकबरी मस्जिद 8.00 बजे
मस्जिद जाल 9.00
मस्जिद मौतवद खां 8.30
मस्जिद लोहामंडी 9.30
ताजमहल मस्जिद 8.45
मस्जिद नूरी 10.0
बाबरी मस्जिद 8.45
मस्जिद सुल्तान परवेज 9.30
पड़ोसी का ख्याल रखें, घर के अंदर ही करें कुर्बानी : मौलाना उजैर
नायब शहर काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम ने कहा है कि मजहब और शरीयत हमेशा दूसरों की कद्र करने की बात कहता है। बेहतर हो कि घर में ही कुर्बानी करें। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे करने से परहेज करें। मुमकिन है, पड़ोसी किसी दूसरे मजहब का हो। उन्होंने कुछ बातों का विशेष रूप से ख्याल जरूर रखना को कहा है।
मौलाना उजैर आलम ने बताया कि जिसकी ओर से हो रही हो, उसे खुद ही कुर्बानी करनी चाहिए। अगर वह खुद हाथ नहीं डाल सके, तो उसे पास खड़ा होना चाहिए। जिस जानवर की कुर्बानी हो रही है उसका मुंह किबला शरीफ की ओर होना चाहिए। अगर किसी बड़े जानवर में हिस्से लेकर कुर्बानी की जा रही है, वहां भी मौजूद रहें।