मशहूर कॉमेडियन और टीवी कलाकार अहसान कुरैशी का मानना है कि आज की पीढ़ी के कलाकार शार्टकट खोजते हैं। वह चाहते हैं कि एक साल में ही मंच पर पहुंच जाएं और टीवी पर चमकने लगे। हमने टीवी तक पहुंचने के लिए 20 वर्ष तक संघर्ष किया था। तप कर यहां तक पहुंचे हैं।
अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के तहत आयोजित कवि सम्मेलन में भाग लेने आए अहसान कुरैशी ने कहा कि हास्य वह है जिसे तीन पीढ़ी एक साथ बैठकर देख सकें। हास्य धारावाहिक, फिल्म या कवि सम्मेलन के दौरान किसी को आंख चुरानी पड़ी तो वह हास्य नहीं फूहड़ता है।
खिलाड़ी से हास्य कलाकार बनने के विषय पर अहसान कुरैशी ने बताया कि स्कूल के समय में वह हाकी और फुटबाल के खिलाड़ी थे। चाहते थे कि देश के लिए खेलूं लेकिन गरीबी ने आगे बढ़ने नहीं दिया था। खुदा ने एक हुनर दिया था सो हंसाने के राह पर निकल पड़ा। यह बेहद मुश्किल काम है।