उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि डिग्री और रोजगार के साथ विद्यार्थियों में संस्कार होना भी जरूरी है। जेन जी के जंतर-मंतर आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कारविहीन शिक्षा समाज और देश के लिए चिंता का विषय है।
आगरा विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जेन जी के जंतर मंतर पर हुए आंदोलन और तंज कसते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना ही एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। संस्कार सहित शिक्षा हो जरूरी है। इसका दायित्व शिक्षक और विद्यार्थियों पर समान रूप से है। उन्होंने कहा कि संस्कार विहीन शिक्षा जंतर मंतर देती है।
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उन्होंने जंतर मंतर पर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह कैसी शिक्षा थी, जिसमें विद्यार्थी देश के महान सपूतों और शीर्ष स्थान ओर बैठे राजनेताओं को गाली दे रहे थे। यहां तक के इसमें बेटियां भी इसमें शामिल थी। ऐसी घटनाओं से सभी शर्मसार हो रहे थे। इसके लिए आने वाले समय में संस्कार रहित उच्च शिक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संस्कार बिना शिक्षा से किसी का भला नहीं हो सकता है। शिक्षा वही है जो रोजगार दे और संस्कारवान बनाए। उन्होंने मेधावियों से कहा कि यहां जो विद्यार्थी मेडल पाकर जा रहे हैं , वह समाज के लिए मॉडल बन करके दिखाएं।