कासगंज। दो-दो सरकारी स्कूलों की कमान एक अध्यापक के हाथ में होगी तो बेहतर शिक्षा की कैसे उम्मीद की जा सकती है। कासगंज जिले में नगर क्षेत्र के स्कूलों का यही हाल है। यहां 44 सरकारी स्कूलों में मात्र 23 अध्यापक तैनात हैं। ऐसे में शिक्षा का माहौल बनना तो दूर रहा, बल्कि शिक्षा विभाग की योजनाओं का संचालन भी व्यवस्थित ढंग से नहीं हो पा रहा।
अनलॉक में अब 15 अक्टूबर से सरकारी और निजी स्कूल खोले जाने की तैयार की जा रही है। इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाएं भी चल रही हैं, लेकिन नगर क्षेत्र की शिक्षा बदहाल हो गई है। लंबे समय से नगर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है। स्कूलों की संख्या के सापेक्ष आधी संख्या में शिक्षक नगर क्षेत्र में तैनात हैं। कुल 44 स्कूलों में 23 शिक्षकों की तैनाती बहुत समय से है। एक स्कूल में एक प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापक होने चाहिए, लेकिन नगर क्षेत्र में एक शिक्षक दो स्कूलों का चार्ज संभाले हुए है। हालांकि शिक्षामित्र और अनुदेशक तैनात हैं, लेकिन इनकी संख्या नाकाफी है और उन्हें स्कूलों का चार्ज भी नहीं दिया जा सकता।
भवनों की देखरेख भी मुश्किल
भवनों की देखरेख भी मुश्किल हो रही है। क्योंकि एक अध्यापक एक स्कूल का चार्ज मुश्किल से संभाल पाता है। नगर क्षेत्रों में तो दो-दो स्कूलों की व्यवस्थाएं संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।
नगर क्षेत्र में शिक्षकों का बड़ा अभाव है। उच्चाधिकारियों को समय समय पर पत्र लिखा जाता है। दो-दो स्कूलों का चार्ज एक-एक अध्यापकों को दिया है। व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। -सचिन यादव, नगर शिक्षा अधिकारी।