एटा। कोरोना वायरस के चलते गृह परीक्षाएं अब नहीं होंगी। शासन के आदेशानुसार इस बार कक्षा आठ तक के बच्चों को बिना परीक्षा के ही पास किया जाएगा। एक अप्रैल से प्रस्तावित नए सत्र में जिले के 1.44 लाख से अधिक बच्चों को नई कक्षाएं मिलना तय हैं।
जिले के 1.44 लाख से अधिक परिषदीय बच्चों को बिना परीक्षा के ही रिजल्ट मिल जाएगा। यह सभी अब अगली कक्षाओं में पहुंच गए हैं। एक अप्रैल से प्रस्तावित शिक्षा सत्र में यह नई कक्षाओं में बैठेंगे। शीघ्र ही इन्हें नया कोर्स भी मिलेगा। परीक्षा न होने के आदेश से जहां बच्चों में खुशी का आलम है।
वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी परीक्षा, मूल्यांकन एवं परिणाम से राहत मिल गई है। बताते चलें कि जिले में संचालित 1927 परिषदीय स्कूलों में 1.44 लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं।
अच्छे बच्चों के चयन का नहीं मिलेगा मौका
बिना परीक्षा के अगली कक्षाओं में पहुंचने के आदेश से बच्चे खुश हैं। शिक्षकों को भी परीक्षा, मूल्यांकन एवं रिजल्ट से मुक्ति मिल गई। लेकिन कुछ लोगों में इसे लेकर प्रतिक्रियाएं हैं। इनका कहना है कि इस बार माध्यमिक स्कूलों को पूर्व की भांति कक्षा छह व नौ में अच्छे बच्चों के चयन का मौका नहीं मिलेगा।
शासन के आदेश के बाद जिले में संचालित 1927 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों में पंजीकृत 1.44 लाख से अधिक बच्चों के अगली कक्षा में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया। नए सत्र में वे अगली कक्षाओं में बैठेंगे।
संजय सिंह, बीएसए