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दिव्यांगों के लिए स्कूलों में बनेंगे विशेष शौचालय

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मैनपुरी। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों अब विशेष शौचालय बनवाए जाएंगे। इसमें दिव्यांगों की सुविधा के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्द ही शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। प्रथम चरण में उपलब्ध धनराशि के अनुसार स्कूलों का चयन कर निर्माण किया जाएगा।
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जिले में दो हजार से अधिक परिषदीय विद्यालय हैं, लेकिन इनमें दिव्यांगों के लिए शौचालय नहीं हैं। इसी कारण दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। इसी को देखते हुए अब मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने स्कूलों में विशेष शौचालय बनाने की पहल की है। इसके लिए खनन विभाग और विनियमित क्षेत्र से भी सहयोग लिया गया है। दोनों विभाग से दस-दस लाख रुपये की धनराशि दी गई है।
इससे प्रथम चरण में ऐसे स्कूलों में निर्माण कराया जाएगा, जिनमें दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं या पंजीकृत होने की उम्मीद है। इन शौचालयों में रेलिंग, रैंप के साथ ही गेट भी बड़े लगाए जाएंगे। गेट इसलिए बड़े बनाए जाएंगे ताकि ट्राईसाइकिल अंदर जा सके। वहीं शौचालयों के निर्माण से बेसिक शिक्षा विभाग की रैंकिंग में भी सुधार होगा। क्योंकि विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर जारी रैंकिंग में दिव्यांग शौचालय भी एक आधार है।
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राज्य स्तर से एस्टीमेट का इंतजार
जिला स्तर पर शौचालय के निर्माण के लिए 99 हजार का एस्टीमेट तैयार किया गया था। बाद में राज्य परियोजना कार्यालय से एक नया एस्टीमेट प्रस्तावित किया गया। शासन से स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
जिले में हैं केवल दो विशेष शौचालय
जिले में वैसे तो दो हजार से अधिक परिषदीय विद्यालय हैं, लेकिन दिव्यांग शौचालय केवल दो में ही हैं। इसमें शहर के प्राथमिक विद्यालय शिशु उद्यान और प्राथमिक विद्यालय देवी रोड शामिल हैं। यहां पूर्व में संचालित दिव्यांग बच्चों के कैंप के कारण निर्माण हुआ था। हालांकि बाद में इसके गेट भी छोटे करा दिए गए, जिन्हें सही कराना होगा।
- दिव्यांग बच्चों को स्कूलों में पंजीकृत कराने के लिए दिव्यांग शौचालय एक अनिवार्य आवश्यकता है। शासन के आदेश पर निर्माण के लिए प्रयास शुरू किया गया है। शासन से एस्टीमेट प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। - ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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