मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के आदेश बच्चों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। एक तरफ जहां शिक्षा सुधार के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का विस्तार हुआ तो दूसरी तरफ अन्य स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन न होने के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही। जिले के 71 स्कूलों के 10650 छात्र-छात्राएं एकल शिक्षक से शिक्षा लेने को मजबूर हैं।
दो महीना पहले जिले के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की गई थी। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों के जाने से अन्य 71 विद्यालय एकल हो गए थे। जहां शिक्षकों का समायोजन किया जाना था लेकिन विभाग दो महीने बाद भी शिक्षकों का समायोजन नहीं कर सका जिसके चलते 71 स्कूलों में अध्ययनरत 10650 छात्र-छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विभागीय अधिकारी भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि अब वे नवीन सत्र का इंतजार कर रहे हैं।
आदेश हुआ और कर दिया निरस्त
मैनपुरी। नवंबर के पहले सप्ताह में अंग्रेजी माध्यम में भेजे गए शिक्षकों से रिक्त हुए अन्य विद्यालयों के शिक्षकों के पद भरने के लिए बीएसए ने आदेश जारी किया था लेकिन काउंसलिंग होने से पहले ही इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आज तक दूसरा आदेश जारी नहीं हो सका।
एक शिक्षक कैसे दे बेहतर शिक्षा
मैनपुरी। 71 विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। एक शिक्षक तैनात होने से उस पर ही एमडीएम बनवाने की जिम्मेदारी। प्रशिक्षण व सूचनाओं के आदान प्रदान की जिम्मेदारी आई हुई है जिसके कारण वह सप्ताह में तीन दिन तो विभागीय कार्यों में ही व्यस्त रहता है शिक्षण कार्य कहां से करे।
सभी स्कूलों में समय से कोर्स पूरा करने के निर्देश दिए है। रिक्त पदों को भरने के लिए जिला समिति के पास पत्र भेजा गया है। एकल शिक्षक समस्या का शीघ्र निराकरण होगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए