कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग का निलंबित चतुर्थश्रेणी कर्मचारी अधिकारियों के बीच अपनी पकड़ होने का रौब जमाकर शिक्षकों पर ड्रेस का दबाव बनाता था। एसडीएम ने पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया यह माना गया है कि वह स्कूल का चतुर्थश्रेणी कर्मचारी था, लेकिन काम बीएसए दफ्तर में करता था। एसडीएम ने आपूर्ति करने वाले समूह का ब्यौरा मांगा है।
गांव तिलसईकलां के विद्यालय में चतुर्थश्रेणी पद पर तैनात कर्मचारी इनायत अली गलत तरीके से स्कूलों में ड्रेस आपूर्ति करने का दोषी माना गया है। एसडीएम ललित कुमार ने जांच में पाया है कि उसने जो समूह पंजीकृत कराया है उसमें परिवार के लोगों को ही शामिल कर लिया था। ड्रेस के कपड़े की आपूर्ति से लेकर ड्रेस की सिलाई तक का काम उसके परिवार के लोगों द्वारा कराया जा रहा था। एसडीएम ने समूह से जुड़े सभी सदस्यों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
वहीं यह भी पाया है कि वह बेसिक शिक्षा विभाग के जिला कार्यालय में काम करता था, जबकि तैनाती स्कूल पर थी। ऐसे में कहीं न कहीं शिक्षाधिकारियों का रौब भी शिक्षकों पर जमाता रहा है। एसडीएम जल्द ही अपनी जांच आख्या जिलाधिकारी को देंगे। बता दें कि कर्मचारी ने जिस समूह का गठन कराया था उसमें अपनी पत्नी को समूह का प्रधान बना दिया था। जिसमें अपना नाम केवल इनायत अली लिखा था। यही समूह यूनिफॉर्म बनाने का काम करता था।