निर्वाचन आयोग भी हाईटेक हो गया है। रैली या बैठक की अनुमति से लेकर मतदाताओं की हर शिकायत के निस्तारण का जरिया अब मोबाइल एप भी होगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने ‘सुविधा’ और ‘समाधान’ नाम से दो एप लांच किए हैं। आगरा-अलीगढ़ मंडल में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। जल्द ही पुलिस से संबंधित एक और एप लांच किया जाएगा। इस एप में प्रदेश के हर थाने का पूरा रिकॉर्ड मौजूद होगा।
मंगलवार को उप निर्वाचन आयुक्त ने कमिश्नरी सभागार में आगरा-अलीगढ़ मंडल के आठ जिलों की समीक्षा के बाद प्रेसवार्ता में चुनावी तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने हाल ही में ‘सुविधा’ और ‘समाधान’ नाम से दो एप लांच किए हैं। इसमें सुविधा एप राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए है। इस पर वह किसी कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें सरकारी कार्यालयों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अनुमति मिलनी या नहीं, एप पर ही आदेश पत्र डाउनलोड कर दिया जाएगा।
समाधान एप के जरिये आम मतदाता मतदान से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी को 24 घंटे का इसका समाधान करना होगा। मतदान वाले दिन एक से दो घंटे में शिकायत का निस्तारण करना होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही पुलिस रिकॉर्ड से संबंधित एक एप और लांच किया जाएगा। इस पर थानावार पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा।
मसलन, उक्त थाना क्षेत्र में कितने अपराधी वांछित हैं, कितने जेल में बंद हैं, क्षेत्र के किन-किन लोगों को खतरा है, किस-किस से खतरा है, गुंडा तत्वों के नाम, मतदान को प्रभावित करने वालों की सूची आदि जानकारी इस एप पर लोड होगी। शिकायत मिलने पर यदि उक्त अपराधी का रिकॉर्ड एप पर न मिला तो संबंधित थाने प्रभारी और उच्च अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में दोनों मंडलों की चुनावी तैयारी से संतुष्ट नजर आए। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पांडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी जेपी सिंह, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह, आईजी सुजीत पांडे, आगरा मंडलायुक्त चंद्रकांत, अलीगढ़ मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, डीआईजी महेश मिश्रा, जिलाधिकारी गौरव दयाल, एसएसपी डा. प्रीतिंदर आदि मौजूद थे।