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मॉक ड्रिल: ताज पर भूकंप के झटके, मलबे में दबे लोग;  एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया बचाव कार्य का अभ्यास

Sat, 14 Mar 2026 08:43 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ताजमहल में शुक्रवार को भूकंप सहित आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त मॉक ड्रिल की। अभ्यास के दौरान मलबे में दबे लोगों को निकालने, घायलों को स्ट्रेचर से बाहर लाने और आपात स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया।
 
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ताजमहल पर मॉक ड्रिल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भूकंप के झटके लगते हैं। ताजमहल में सायरन बजने लगता है। पर्यटकों में भगदड़ मच जाती है। मलबे में लोग दब जाते हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने बचाव कार्य शुरू किया। स्ट्रेचर से घायलों को निकाला। मलबे में दबे लोगों को भी बाहर निकाला। कटर से बड़े पत्थरों को काटा गया। यह कोई हकीकत नहीं था। ताजमहल में शुक्रवार को बंदी पर भूकंप सहित अन्य आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गई।
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एनडीआरएफ की गाजियाबाद और एसडीआरएफ की टीम इटावा से आई। टीम सुबह 11 बजे ताजमहल पहुंचीं थीं। दोनों टीम में सदस्यों की संख्या 30-30 थी। केंद्रीय औद्योगिक पुलिस बल के वरिष्ठ कमांडेंट वीके दुबे, अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त ताज सुरक्षा पीयूष कांत राय, भारतीय पुरातत्व विभाग के सीए प्रिंस बाजपेई, प्रताप मिश्रा, दिलीप शर्मा, कार्यवाहक थाना प्रभारी थाना ताज सुरक्षा उप निरीक्षक शिवराज सिंह मौजूद रहे। दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे तक मॉक ड्रिल हुई।

वरिष्ठ कमांडेंट वीके दुबे ने दोनों टीमों के जवानों के प्रदर्शन पर बधाई दी। कहा कि भविष्य में इस तरह के मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना आवश्यक है, जिससे आपात स्थिति में बचाव और राहत कार्य किया जा सके। एसीपी पीयूष कांत राय ने बताया कि अभ्यास में बचाव के तरीकों को देखा गया। साथ ही रिस्पॉन्स टाइम की स्थिति का पता किया गया। भूकंप के दौरान किस तरह से बचाव किया जा सकता है, इस सभी को अभ्यास के माध्यम से दर्शाया गया।
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