व्यापारियों से संवाद स्थापित करते राज्य कर विभाग के अधिकारी
फतेहपुर सीकरी। राज्य कर विभाग की ओर से आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में स्थानीय कारोबारियों ने जीएसटी से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में ई-वे बिल एवं इनवॉइस की सीमा को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये किया जाए, जिससे छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत मिल सके।
व्यापारियों ने यह भी मांग की कि छोटी-छोटी त्रुटियों या औपचारिक कमियों के आधार पर सचल दल (मोबाइल स्क्वॉड) माल वाहनों को अनावश्यक रूप से न रोकें। इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों के मोबाइल नंबर जीएसटी पोर्टल पर अपडेट किए जाने वाले बिल के संबंध में नवीनतम एडवाइजरी से व्यापारियों को अवगत कराया। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि यदि किसी विक्रेता व्यापारी की ओर से माल बेचने के बाद जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर-3 बी दाखिल नहीं की जाती है, तो खरीददार व्यापारी को संबंधित विक्रेता का रिस्क स्कोर देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त अजीत कुमार सिंह, उपयुक्त सत्येंद्र कुमार सिंह, अभिषेक मिश्रा, प्रेमपाल लोधी, नारायण गर्ग, अंकित मित्तल, हनी गोयल, राकेश शक्करपुरिया, बनवारीलाल मित्तल, राजेंद्र गोयल, नेमीचंद गर्ग, संजय रुपवासिया, शकील उस्मानी, बजरंग बंसल, शील मित्तल, पंकज गर्ग, हाजी साबिर, पप्पू जाफरी, मनीष मंगोली, प्रदीप गर्ग, चंचल सामरिया उपस्थित रहे।