समीक्षा बैठक के दौरान दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) ऐसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निशाने पर नहीं रहा। दरअसल, विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वरीयता वाले अभियान पर ही ब्रेक लगा दिए हैं।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में अब तक एक भी सब स्टेशन स्थापित नहीं हो सका है। जबकि डीवीवीएनएल ने अपने परिक्षेत्र के 21 जिलों में सौ सब स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
बता दें कि पीएम मोदी ने हर घर को रोशन करने के लिए नवंबर 2014 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसके लिए एक हजार दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसकी समयावधि एक मई 2018 को पूरी हो रही है। ढाई साल से अधिक का समय गुजर गया लेकिन डीवीवीएनएल अब तक एक भी सब स्टेशन स्थापित नहीं कर सका है।
योजना शुरू होने के कुछ दिन बाद ही विभाग ने हर घर को बिजली उपलब्ध कराने के लिए अपने परिक्षेत्र में सौ सब स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि पिछले दिनों प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निरीक्षण से पहले विभाग ने 60 सब स्टेशनों पर कार्य शुरू होने का दावा किया था। लेकिन रविवार को मुख्यमंत्री की समीक्षा में विभागीय अधिकारी चुप्पी साध गए।
चोरी पर सीधे एफआईआर
सीएम के रुख के बाद विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है। अब बिजली चोरी पकड़े जाने पर विभागीय कार्रवाई बाद में होगी, पहले उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में सीएम ने भी सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।