आगरा कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता से दो लोगों की जान बच गई। मलपुरा में पत्नी से विवाद के बाद आग लगाने वाले युवक को दरवाजा तोड़कर पुलिस ने बचाया। वहीं एक युवक को रामबाग यमुना के पुल के बीच में फंस जाने पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से बचाया। पुलिस अधीक्षक जे रविंदर गौड ने कार्य की सराहना की है।
सोमवार को मलपुरा के नगला माकराैल में राजेश ने पत्नी उर्मिला से किसी बात पर विवाद के बाद आग लगाई थी। पत्नी की सूचना पर पीआरवी संख्या 6393 पहुंची। सिपाही सचिन और राकेश चाैधरी ने आग लगता देखकर बिना देर किए कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। इससे युवक की जान बच गई। राजेश को पुलिस थाना मलपुरा ले गई। पत्नी ने पुलिस को धन्यवाद दिया।
इसी तरह रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि रामबाग पुल के नीचे टीले पर एक युवक फंसा है। इस पर पीआरवी 6144 पहुंची। सिपाही छत्रपाल सिंह और शिवकुमार ने दो गोताखोर बुलाए। रस्सी और ट्यूब की मदद से युवक को बाहर निकाला। वह गीला था। उसके कपड़े बदलवाए। अलाव जलाकर सर्दी से बचाया। पूछताछ में युवक ने खुद को बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित गांव बिरजापुर निवासी किशनलाल बताया। पुलिस ने उसके भाई देशराज से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि किशनलाल मानसिक रूप से बीमार है। वह अहमदाबाद से बस में घर आने के लिए निकला था। रास्ते में लापता हो गया था।