मैनपुरी। ईशन नदी का जलस्तरइन दिनों बढ़ गया है। इसके कारण डूब क्षेत्र में बने कई निर्माणों पर खतरा पैदा हो गया है। निचले इलाकों में बने मकान, दुकानें, स्कूल और मॉल आदि खतरे की जद में आ गए हैं। ऐेसे में अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। निचली गंगा नहर मैनपुरी प्रखंड की रिपोर्ट के अनुसार गेज स्थल कुसमरा में ईशन नदी का जलस्तर शुक्रवार को 141.50 मीटर मापा गया है, जबकि खतरे का निशान 145.00 मीटर है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ने से चिंता भी बढ़ रही है। नदी के डूब क्षेत्र में कई रसूखदारों के भवन भी शामिल हैं। कब्जे और गंदगी की भेंट चढ़ी ईशन नदी के प्रति डीएम अंजनी कुमार सिंह ईशन नदी के दोनों किनारों के 50-50 मीटर दायरे को बफर जोन घोषित कर दिया है। 10 मार्च को डीएम और 17 अप्रैल को सीडीओ द्वारा यही आदेश अधीनस्थों को जारी किया गया लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। ईशन नदी पुल के पास ही नदी के दोनों किनारों पर अतिक्रमण कर भवन, दुकान और मॉल का निर्माण करा लिया है। कुरावली रोड पर तो धड़ल्ले से कॉलोनी काट दी जा रही हैं। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कब होगी, इसके संबंध में किसी के पास कोई जवाब नहीं है। ईशन नदी की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जिले में यह नदी अतिक्रमण और नालों के गंदे पानी के गिरने के कारण बदहाली की भेंट चढ़ गई है। मगर, अब उम्मीद जगी है कि शायद इसका जीर्णोद्धार हो जाए। पिछले दिनों ईशन नदी के संरक्षण संबंधी याचिका पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में सुनवाई हुई है। एनजीटी ने प्रशासन से जवाब भी मांगा। नगर पालिका मैनपुरी क्षेत्र में छह नालों का गंदा पानी ईशन नदी को अपवित्र कर रहा है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने सर्वे कर रिपोर्ट पिछले दिनों तैयार की थी। इस सर्वे ने नगर पालिका के दावों की पोल भी खोल दी थी। दावों में लगातार कहा जा रहा था कि ईशन नदी में कोई भी नाला नहीं गिर रहा है। जबकि सर्वे में नाले गिरने की बात सामने आई थी। इसके बाद डीएम ने कार्ययोजना भी तैयार हुई। कई विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई। मगर, नालों की टेपिंग अभी तक नहीं हुई। डीएम अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि ईशन नदी को लेकर एक पूरी कार्ययोजना तैयार है। बारिश के दौरान नदी के जलस्तर की हर रोज रिपोर्ट भी ली जा रही है, जिन लोगों ने अपने मकान-दुकान, स्कूल, कॉम्प्लेक्स बना रखे हैं, वह यह ध्यान रखें कि कोई भी अनहोनी हुई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
ईशन नदी पर एक नजर में छ ईशन नदी का उद्गम एटा से 14 किमी दक्षिण-पश्चिम की ओर नगला सुजान गांव के पास जनसाई माइनर से है। नदी की कुल लंबाई 317.300 किलोमीटर की है। यह नदी उद्गम स्थल से बहते हुए एटा, मैनपुरी, कन्नौज एवं कानपुर नगर की तहसील बिल्हौर तक पहुंचते हुए वहां गंगा नदी में मिलती है।
112 किलोमीटर है मैनपुरी में ईशन नदी: ईशन नदी की मैनपुरी में कुल लंबाई 112 किलोमीटर की है। मैनपुरी के शहरी क्षेत्र में इसकी लंबाई 5.159 किलोमीटर की है। नदी की तली की चौड़ाई 10 से 12 मीटर और नदी में पानी की गहराई 3.52 मीटर है।