मैनपुरी। जिले में फैमिली आईडी बनाने का सरकारी अभियान लोगों के बीच साइबर फ्रॉड के डर के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) बनाने के लिए जनता से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। अभी तक लगभग आधी ही फैमिली आईडी बन सही हैं। इसका मुख्य कारण आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी है। लोग इसे किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का हिस्सा मानकर अपना ओटीपी देने से कतरा रहे हैं और कई मामलों में तो कर्मचारी को गालियां तक सुननी पड़ रही हैं।
जिले में कुल 67,910 फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 28,684 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25,252 आईडी बन चुकी हैं, जबकि 545 आवेदन अभी भी लंबित हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहां देहात के 9 ब्लॉकों में 476 और शहरी ब्लॉक में 71 आवेदन लंबित हैं।