फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाज के अभाव में नेपाल में दम तोड़ गई ‘श्रीदेवी’, रंगीला को भारत लाने की जद्दोजहद

Tue, 27 Mar 2018 12:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

अपने नाच से लोगों का दिल बहलाने वाली 'श्रीदेवी' ने नेपाल में दम तोड़ दिया। उन्हें एक छोटे पिंजरे में जबरन ठूंस दिया गया और तकलीफ होने पर उपचार तक नसीब नहीं हो सका। हमसफर रहे रंगीला को भारत लाने की जद्दोजहद जारी है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक 17 दिसंबर को एक भारतीय अपने भालुओं के जोड़े (श्रीदेवी और रंगीला) को लेकर नेपाल की सीमा में घुस गया। नेपाल के अफसरों ने उसे पकड़ लिया और भालुओं को चिड़ियाघर में डाल दिया। यहां श्रीदेवी ने दम तोड़ दिया। अब रंगीला को भारत लाने के लिए फरह के वाइल्ड लाइफ एसओएस के अफसर जद्दोजहर कर रहे हैं।

नेपाल के अफसरों ने भालुओं का खेल दिखाने जा रहे भारतीय को दो भालुओं के साथ पकड़ लिया यह जानकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन वाइल्ड लाइफ एसओएस को हुई तो उसने नेपाल सरकार से भालुओं को सौंपने की मांग की। देश के पर्यावरण मंत्रालय ने भी नेपाल सरकार से इस बाबत जनवरी 2018 में अनुरोध किया कि दोनों भालुओं को वाइल्ड लाइफ  में शिफ्ट कर दिया जाए। इधर, नेपाल के अफसरों ने इन दोनों भालुओं को काठमांडू के चिड़ियाघर में डाल दिया।
विज्ञापन


यहां 17 वर्षीय मादा भालू श्रीदेवी ने दम तोड़ दिया। 19 वर्षीय भालू रंगीला जिंदा है। जिंदा बचे रंगीला को कीथम स्थित भालू संरक्षण केंद्र में लाने की जद्दोजहद एक बार फिर शुरू कर दी है। संगठन की सह संस्थापक गीता शेषमानी ने बताया कि यदि नेपाल सरकार भारत के जिंदा बचे रंगीला को अभी सौंप दे तो उसे बचाया जा सकता है। श्रीदेवी की मौत उचित मेडिकल केयर के अभाव में हुई है। उसे छोटे से पिंजरे में ठूंसा गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से भी रंगीला को शिफ्ट कराने की गुहार लगाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें