आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हर नशे की लत के मरीजों का इलाज हो सकेगा। मानसिक रोग विभाग में ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर खोला जा रहा है। एम्स का नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) इसका संचालन करेगा।
केंद्र सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। एनडीडीटीसी के तहत देशभर में मेडिकल कॉलेजों में ये सुविधा दी जा रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज ऐसा 19वां सेंटर होगा, जहां इस प्रकार के केंद्र को मंजूरी दी गई है।
इसके लिए सेंटर में एक चिकित्सक, काउंसलर और एक नर्सिंग स्टाफ की अलग से नियुक्ति की जाएगी। मरीजों की भर्ती के लिए पांच बेड का वार्ड भी बनाया जाएगा। खास बात मरीजों के इलाज के लिए सभी तरह की दवाएं एम्स ही उपलब्ध कराएगा।
जल्द शुरू होगा ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर
पिछले दिनों ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने मानसिक रोग विभाग का निरीक्षण भी किया था। इसमें एम्स के डॉ. विश्वजीत ने वार्ड, मरीजों की संख्या, इलाज की सुविधा समेत तमाम जानकारी की थी।
प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि एमसीआई की टीम निरीक्षण कर चुकी है। जल्द यहां ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर शुरू हो जाएगा। इससे किसी भी तरह के नशे के आदी मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में अभी तक इंजेक्शन के जरिये नशा लेने वाले मरीजों का ही इलाज किया जाता है। यहां ऐसे 160 मरीज पंजीकृत हैं।
ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित होने के बाद यहां अफीम, गांजा, चरस, आयोडेक्स, व्हाइटनर, स्मैक, हेरोइन, कफ सीरप, सॉल्यूशन, शराब आदि नशे की लत का इलाज भी हो सकेगा। इलाज के साथ काउंसलिंग भी की जाएगी। जरूरत पर मरीजों को भर्ती करने की भी सुविधा रहेगी।