सैंया। सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराने तथा प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ आने-जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है। वहीं, आशाएं 30% कमीशन के लालच में आकर गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों में ले जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में ऐसी 20 आशाएं चिन्हित की गई हैं।
विकासखंड सैंया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया में 150 आशाएं कार्यरत हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए एंबुलेंस हैं। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं में किए गए टीकाकरण को देखते हुए सीएचसी पर डिलेवरी की संख्या कम पाई गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ अतुल कुमार भारतीय ने बताया कि ऐसे कृत्यों में लिप्त 20 आशाएं चिन्हित की गईं हैं। चिन्हित आशाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को सूचना भेजी जा रही है। बात दें कि प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक आशाओं को 30% नार्मल डिलीवरी व सीजेरियन डिलीवरी पर काफी धनराशि देने का प्रलोभन दे रहे हैं। इस वजह से आशाएं गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए सीएचसी सैंया पर न लाकर प्राइवेट हॉस्पिटलों में ले जाती हैं।