सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एनएसएमसी) में दुर्लभ मामला सामने आया है। एक बेटी की चाह में रीकैनालाइजेशन कराने वाली महिला ने तीन बेटियों को जन्म दिया है। रीकैनालाइजेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें नसबंदी के बाद संतान सुख की चाह रखने वालों की नसें फिर से खोल दी जाती हैं। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने ही यह जटिल ऑपरेशन किया। री-कैनालाइजेशन के बाद गर्भवती होने की संभावना महज 40 फीसदी तक ही होती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सकों डॉ. रिचा सिंह, डॉ. पूनम यादव, डॉ. अभिलाषा यादव ने फरवरी 2024 में नसबंदी करा चुकी महिला का रीकैनालाइजेशन किया था। इस ऑपरेशन के बाद जुलाई में महिला गर्भवती हो गई। अगस्त में जांच में चिकित्सकों ने गर्भ में तीन बच्चों के होने की पुष्टि की। रविवार को महिला की नॉर्मल डिलीवरी की गई, जिसमें तीनों बच्चियां हैं। नवजात शिशुओं का वजन 1.900 किग्रा, 1.800 किग्रा और 1.600 किग्रा है। मां और तीनों बच्चियां स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की देखभाल में हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में यह दुर्लभ मामला है। चिकित्सकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके प्रयासों से मरीजों को लगातार सुविधाएं मिल रही हैं। महिला के पास दो बेटे थे, वह अपने घर में बेटी चाहती थी। इसीलिए महिला ने रीकैनालाइजेशन प्रक्रिया को अपनाया।