कासगंज में खूंखार कुत्तों ने बारहसिंघा हिरन के झुंड पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में एक बारहसिंघा हिरन कुत्तों के बीच फंस गया। कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोंच लिया। जानबचाकर खेतों की तरफ भागते हुए बारहसिंघा हिरन को ग्रामीणों ने बचाते हुए कुत्तों को भगाया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन गंभीर रूप से जख्मी हुए बारहसिंघा हिरन को बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत हो गई।
जनपद के गंजडुंडवारा क्षेत्र की गंगा की कटरी में पानी से प्रभावित बारहसिंघा हिरन का झुंड आबादी क्षेत्र की ओर आ रहा था, इसी दौरान कुत्तों ने झुंड को घेरने का प्रयास किया। झुंड में से एक बारहसिंघा हिरन बिछड़ गया और कुत्तों के झुंड ने बारहसिंघा हिरन पर हमला कर बुरी तरह जख्मी कर दिया। बारहसिंघा हिरन हिरण अपनी जान बचाकर खेतों के रास्ते गांव रफातपुर उलाई की ओर भागा। यहां ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर बारहसिंघा हिरन को बचाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने जख्मी हालात में बारहसिंघा हिरन हिरण को देखा तो मामले की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान बारहसिंघा हिरन ने दम तोड़ दिया। कासगंज के डीएफओ हरि शुक्ला के मुताबिक घायल अवस्था में रेस्क्यू किए गए बारहसिंघा हिरन को उलाइ रफात पर से कासगंज लाया गया था, यहां पशु चिकित्सा अधिकारी ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब इसके पोस्टमार्टम के बाद नदरई स्थित पौधशाला में इसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पैनल बनाकर बारहसिंघा हिरन का अंतिम संस्कार किया जाएगा ।
डीएफओ हरि शुक्ला ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है । नदी अपना दायरा भी विस्तृत कर रही हैं । गंगा नदी में लगातार बढ़ता पानी नदी किनारे खादर क्षेत्र को भी अपनी जद में ले चुका है। लगातार पानी के विस्तार ने गंगा के खादर क्षेत्र को कम किया है, इससे क्षेत्र में रह रहे वन्य जीव भी बाढ़ के चलते खादर क्षेत्र छोड़ तटवर्ती इलाकों के किनारे बसे गांव की ओर रुख करने लगे हैं।