आगरा स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की हड़ताल, धरना और कार्य बहिष्कार पर सख्त रोक लगाते हुए एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। आदेश का उल्लंघन करने पर नो वर्क नो पे और विभागीय कार्रवाई लागू की जाएगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों और कर्मचारी संघों को हड़ताल से दूर रहने के निर्देश दिए हैं। कुलसचिव अजय मिश्रा की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी प्रकार की हड़ताल, कार्य बहिष्कार, सामूहिक अवकाश, धरना अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधि अवैध मानी जाएगी। अवहेलना पर एस्मा के तहत कार्रवाई होगी।
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जारी आदेश में बताया गया है कि शासन ने अधिसूचना के माध्यम से हड़ताल निषेध आदेश को अगले छह माह के लिए बढ़ा दिया है। ऐसे में विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी और कर्मचारी संघ हड़ताल से दूर रहें। इस आदेश पर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हैं, इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन को विचार करना चाहिए। कर्मचारी ऐसे नोटिस से डरते नहीं हैं।
नो वर्क नो पे
कुलसचिव ने कहा है कि यदि कोई कर्मचारी अथवा कर्मचारी संघ हड़ताल जारी रखता है या कर्मचारियों को इसके लिए प्रेरित करता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें नो वर्क-नो पे लागू करना, अनुपस्थिति अवधि को ब्रेक इन सर्विस मानना और एस्मा से संबंधित धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई शामिल है।