आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में 2025-26 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सरकारी और एडेड कॉलेजों में लगभग सीटें फुल हो चुकी हैं। वहीं निजी कॉलेजों से 40 फीसदी सीट रिक्त हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में तीन बार तिथि बढ़ाने पर भी 63 हजार सीटें रिक्त रह गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा निजी कॉलेजों में सीटें खाली रह गई हैं। सरकारी और एडेड कॉलेजों में लगभग सीटें फुल हो गई हैं।
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डीन एकेडमिक प्रो. मनुप्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक में 2.50 लाख सीटें हैं। इनमें से 1.87 लाख सीटों पर प्रवेश के लिए पंजीकरण हो गया है, बाकी की करीब 63 सीटें रिक्त रह गई हैं। छात्रों की मांग को देखते हुए तीन बार तिथि बढ़ाई है। सीटें खाली रहने पर निजी कॉलेज एसोसिएशन की मांग पर 7 अक्तूबर तक मौका दिया। इसके बाद भी सीटें नहीं भरी गईं। विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों, सरकारी और एडेड कॉलेज में सीटें लगभग फुल हो गई हैं। कई कॉलेजों में तो 33 फीसदी सीटें और बढ़ानी पड़ी हैं। निजी कॉलेजों में सीटें ज्यादा रिक्त रह गई हैं, इनमें विभिन्न पाठ्यक्रमों में करीब 40 फीसदी सीटें खाली हैं।
वेब पंजीकरण बढ़ाने के लिए कुलपति को लिखा पत्र
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह आर्य ने बताया कि आगरा मंडल में नए विश्वविद्यालय खुलने से कॉलेजों की सीटों पर असर पड़ रहा है। इससे सीटें रिक्त रह गई हैं। अभी निजी कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक में करीब 40 फीसदी सीटें खाली हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर एक बार और तिथि बढ़ाने की मांग की है।