डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 2013-14 और 2015 से 2019 सत्र के लंबित परिणाम को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए नोटिस भेजा है। ऐसा न होने पर एजेंसी को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सत्र 2013-14 की परीक्षा का परिणाम तैयार करने का कार्य शुभा टेक प्राइवेट लिमिटेड और 2015 से 2019 सत्र का कार्य डिजिटैक्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इन सत्रों में कई विषयों के परिणाम अधूरे हैं, जिनको विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है।
पिछले महीने डेटा रिसीविंग कमेटी की मीटिंग में एजेंसी के प्रतिनिधि ने लंबित कार्य लगभग पूरे होने जानकारी दी। फिर भी अभी तक परीक्षा परिणाम ऑनलाइन नहीं किया। ऐसे में कुलसचिव ने दोनों एजेंसी को नोटिस देकर परिणाम वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि बैठक में एजेंसी के प्रतिनिधियों ने लंबित परीक्षा फल 90-95 फीसदी पूरा होने की जानकारी दी थी, लेकिन एक महीना बीतने पर भी कार्य पूरा नहीं हुआ। एजेंसी को नोटिस देकर लंबित परीक्षा फल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। ऐसा न होने पर कुलपति को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विश्वविद्यालय से नौ सौ से अधिक डिग्री कॉलेज संबद्ध हैं। पिछले 10 साल से करीब 30 हजार डिग्रियां लंबित हैं। इनके आवेदन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन सुविधा की है।
इसमें डिग्री के लिए करीब 5200 प्रार्थनापत्र आ चुके हैं। इनको संबंधित पटलों पर भेजा गया। इनमें लगाए गए प्रमाण पत्रों से कमियां मिलने पर सुधार कराने के लिए नोट लगाकर हेल्प डेस्क को वापस भेजा जा रहा है।
यहां आने के बाद संबंधित आवेदन में त्रुटियों को सुधारने के लिए छात्रों को जानकारी नहीं दी जा रही है। जबकि इनके पास छात्र के मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी भी है। इससे आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि डिग्री के लिए आए प्रार्थना पत्रों की स्क्रीनिंग के बाद मिली त्रुटियों को पूरा कराने के लिए छात्रों को जानकारी देने के लिए कहा है। कितने छात्रों को अभी तक सूचित किया है, इसकी हेल्प डेस्क से रिपोर्ट भी मांगी जा रही है।