आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष की तैयारियों के बीच कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें प्रोफेसरों की पदोन्नति और नए शैक्षणिक प्रस्ताव शामिल हैं। साथ ही अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए कुछ कॉलेजों पर कार्रवाई भी की गई।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष की तैयारियों के बीच सोमवार को कार्य परिषद की बैठक में विकास और अनुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शैक्षणिक, प्रशासनिक और नवाचार से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
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बैठक में पूर्व निर्णयों को अनुमोदन देने के साथ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर मंथन किया गया। विश्वविद्यालय के नाम से डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी करने का प्रस्ताव भी तैयार कर कुलाधिपति के माध्यम से भारत सरकार को भेजने पर सहमति बनी।
कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के तहत प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. अजय तनेजा, प्रो. मनु प्रताप सिंह, प्रो. प्रदीप श्रीधर और प्रो. संजय चौधरी को सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नति दी गई। वहीं, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. नीलम यादव, डॉ. राजीव वर्मा और डॉ. मोहम्मद हुसैन को सह आचार्य पद पर पदोन्नत किया गया। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठन को मंजूरी दी गई, जिसे ‘समर्थ’ पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के तहत अब तक 15 कंपनियों के पंजीकरण की जानकारी दी गई और कॉलेजों को निर्देशित किया गया कि अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ा जाए। पुस्तकालय के आधुनिकीकरण के अंतर्गत आरएफआईडी प्रणाली के विस्तार को भी स्वीकृति मिली, जिसके तहत करीब 60 हजार पुस्तकें पहले ही डिजिटल रूप से टैग की जा चुकी हैं।
शिक्षक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिवेदन पर विचार करते हुए सेवा शर्तों को राज्य सरकार के स्वायत्त निकाय के अनुरूप लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा शोध छात्रा के प्रकरण में लिप्त प्रो. गौतम जायसवार के मामले को फिर आईसीसी को भेजते हुए नियमों के तहत जांच कराने का निर्णय लिया गया।
पूरन डाबर ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और फुटवियर टेक्नोलॉजी में पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। गवर्नर नॉमिनी डॉ. जगन्नाथ गुप्ता ने ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना की सराहना की, जिसका समर्थन सदस्य सुधीर कुमार सक्सेना ने भी किया। बैठक में कुलसचिव अजय मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश, महिमा चंद सहित कार्य परिषद के सदस्य और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अनियमितताओं पर कड़ा रुख
कार्य परिषद ने अनियमितताओं के मामलों में सख्ती दिखाते हुए शांति देवी महाविद्यालय, मैनपुरी (कोड 327) में सत्र 2026-27 से अग्रिम आदेश तक प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया। महाविद्यालय पर भूमि संबंधी तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और जांच लंबित होने के आरोप हैं। इसके अलावा, उन महाविद्यालयों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं जिन्होंने शासन के ऑनलाइन पोर्टल पर स्थायी संबद्धता सहित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं। समय सीमा का पालन न करने वाले संस्थानों पर आर्थिक दंड लगाने को भी मंजूरी दी गई है।