मैनपुरी। जिले में मंगलवार को आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। शहर के लोगों के लिए जहां ये बारिश मुसीबत बन गई तो वहीं बारिश हुई तो किसानों के चेहरे खिल उठे। गर्मी से सूख रही धान की फसल फिर लहलहा उठी। हालांकि ये राहत बस चंद दिनों के लिए है।
कई दिनों से बारिश न होने के चलते तापमान लगातार बढ़ता जा रहा था। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मंगलवार को मौसम ने करवट ली तो दोपहर डेढ़ बजे बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिला दी।
अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। स्कूल से लौटते वक्त गर्मी से परेशान हो चुके बच्चों ने भी बारिश में जमकर मस्ती की। वे बारिश में भीगते हुए घर पहुंचे। एक ओर जहां गर्मी से राहत मिल गई तो वहीं दूसरी ओर सूख रही धान की फसल के लिए भी बारिश संजीवनी साबित हुई।
कई दिनों से बारिश न होने के चलते धान की फसल सूखने लगी थी। बारिश के चलते शहर में हुआ जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बन गया। हर गली मोहल्ले में जलभराव के चलते नालियां और सड़क एक हो गई थीं। शाम तक ये पानी मोहल्लों में भरा रहा। वहीं शाम को भी रिमझिम बारिश होती रही।
इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को जिले में कुल 48 मिमी बारिश हुई। हालांकि ये बारिश धान की फसल के लिए काफी नहीं है। अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो फिर धान की फसल सूखने लगेगी।
जिले में अब तक बारिश का आंकड़ा 70 मिमी के पार नहीं हो सका है। अब तक महज चार या पांच बार ही औसत बारिश हुई है, लेकिन हर बार नाला ओवरफ्लो होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भी यही हुआ, आधे घंटे की बारिश में ही नाले ओवरफ्लो होने लगे। ये कहीं न कहीं व्यवस्था की लापरवाही को दिखाने के लिए काफी है।
बारिश के बाद शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। इससे पानी में मच्छर व संक्रामक रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया भी पनपेंगे। इससे बीमारियां फैल सकती है। जल्द ही पालिका को जलभराव से निजात दिलाने के लिए कोई न कोई पहल करनी होगी।