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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस दुर्घटनाग्रस्त, नौ प्रवासी मजदूर घायल

Sat, 30 May 2020 04:31 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी

सार

  • डबल डेकर बस में सवार थे 100 लोग
  • वाहन से टकराने के बाद डिवाडर पर चढ़ी
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दुर्घटनाग्रस्त बस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा के थाना करहल क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात प्रवासी मजदूरों को लेकर बिहार जा रही डबल डेकर बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के वक्त बस में 106 लोग सवार थे, जिनमें नौ यात्री घायल हो गए। घायलों सहित सभी यात्रियों को प्रशासन ने दूसरे वाहनों की व्यवस्था करके गंतव्य के लिए रवाना किया।  

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प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को लेकर नांगलोई बॉर्डर दिल्ली से सार्थक ट्रेवल्स बस्ती की डबल डेकर बस यूपी 51-एटी 8109 बिहार के लिए रवाना हुई थी। करहल क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 83 के पास रात करीब ढाई बजे बस एक वाहन से टकराने के बाद डिवाइडर पर चढ़ गई। 


हादसे के वक्त बस में क्षमता से करीब दोगुने 106 यात्री सवार थे। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। जानकारी होने पर यूपीडा की टीम और सीओ करहल अशोक कुमार, इंस्पेक्टर करहल देवेंद्र नाथ मिश्रा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। 

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यह हुए घायल

हादसे में घायल पंकज पुत्र रामानंद निवासी दरभंगा बिहार, रोहित पुत्र गुमान निवासी साहबगंज, लालू पुत्र बच्चा यादव व उनकी पत्नी सुनीता व रविप्रकाश निवासीगण मधुवनी,  चंदन कुमार समस्तीपुर, अशोक कुमार मुजफ्फरपुर, वकील पासवान  मुजफ्फरपुर, शिव कुमार मधुवनी घायल हो गए। 

सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करहल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। घायलों की स्थिति सामान्य थी। हादसे के बाद प्रवासी श्रमिकों को जिला प्रशासन ने आश्रय स्थल पहुंचाया। यहां सभी की स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें अलग-अलग वाहनों से बिहार के लिए रवाना किया गया।

बिना अनुमति जा रही थी बस 

सड़क हादसे के बाद एआरटीओ राजेश कर्दम और यात्री कर अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र प्रताप ने मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की जांच की। बस के कागजात तो ठीक पाए गए, लेकिन अनुमति पास नहीं था। ओवरलोड बस को बिना अनुमति के ही दिल्ली बॉर्डर से बिहार ले जाया जा रहा था। 
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जांच टीम के अनुसार बस में इमरजेंसी गेट नहीं था। इस तरह की बस की अधिकतम क्षमता 55 यात्री के आसपास होती है, जबकि बस में क्षमता से दो गुने 106 यात्री सवार थे। ऐसे में परिवहन विभाग की ओर से संबंधितों के खिलाफ जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात कही गई है। 

रफ्तार कम होने से बड़ा हादसा बचा

बस में यात्रा कर रहीं सुनीता देवी के हाथ में फ्रेक्चर हुआ है। उनका व अन्य यात्रियों का कहना है कि बस आगे चल रहे किसी वाहन से टकराई और फिर अनियंत्रित हो गई। गनीमत यह रही कि बस की रफ्तार कम थी। अगर रफ्तार अधिक होती तो कुछ भी हो सकता था। हादसे के बाद हुए तेज धमाके से यात्रियों की नींद टूटी और फिर क्या था चीख पुकार मच गई। 

यात्री कर अधिकारी डॉ कौशलेंद्र प्रताप ने बताया कि बस में 106 यात्री सवार थे, सभी को दूसरे वाहनों से उनके घर भेजा गया है। बस की डिजाइन भी मानक के अनुसार नहीं है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। 
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