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UP: दयालबाग प्रकरण में लगा दोहरा झटका, पुलिस-प्रशासन के लचर रवैये ने कराई सरकार की किरकिरी

Mon, 03 Jun 2024 09:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

राधा स्वामी सत्संग सभा पर सरकारी रास्ते पर गेट लगाकर कब्जा करने के आरोप के बाद कब्जा मुक्त कराने को लेकर जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में पहले बेदखली का आदेश हुआ और अब एफआईआर रद्द हो गई है। 

 
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राधा स्वामी सत्संग सभा का गेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के दयालबाग प्रकरण में पुलिस और प्रशासन के लचर रवैये ने सरकार की किरकिरी कराई। पहले तहसीलदार स्तर से जारी बेदखली आदेश निरस्त हुआ। अब राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसके लिए अदालत में प्रशासन की लचर पैरवी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
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तहसील प्रशासन ने राधा स्वामी सत्संग सभा पर सरकारी रास्ते पर गेट लगाकर कब्जा करने के आरोप लगाए थे। कब्जे से बेदखली के लिए सितंबर 2023 में सदर तहसीलदार कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे। सत्संग सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध न्यू आगरा में दो केस दर्ज कराए। फिर 23 सितंबर को कब्जा हटाने के दौरान उपद्रव हुआ। जिसमें पुलिसकर्मियों व सत्संगियों को चोटें आई थीं।

 

सत्संग सभा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि जिस जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है, उसका वाद हाईकोर्ट में लंबित है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार के नोटिस को निरस्त करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए थे।
 
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शुक्रवार को हाईकोर्ट ने प्रशासन की तरफ से दर्ज कराई एफआईआर को निरस्त कर दिया। इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध माना। पूर्व के अन्य मामले भी हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। जिनमें प्रशासन पर लचर पैरवी के आरोप हैं। दोबारा सुनवाई के आदेश के छह माह बाद भी तहसील प्रशासन ने सुनवाई शुरू नहीं की। इस संबंध में जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। मतगणना के बाद मामले की समीक्षा की जाएगी।
 
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