आगरा के दयालबाग प्रकरण में पुलिस और प्रशासन के लचर रवैये ने सरकार की किरकिरी कराई। पहले तहसीलदार स्तर से जारी बेदखली आदेश निरस्त हुआ। अब राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसके लिए अदालत में प्रशासन की लचर पैरवी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
तहसील प्रशासन ने राधा स्वामी सत्संग सभा पर सरकारी रास्ते पर गेट लगाकर कब्जा करने के आरोप लगाए थे। कब्जे से बेदखली के लिए सितंबर 2023 में सदर तहसीलदार कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे। सत्संग सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध न्यू आगरा में दो केस दर्ज कराए। फिर 23 सितंबर को कब्जा हटाने के दौरान उपद्रव हुआ। जिसमें पुलिसकर्मियों व सत्संगियों को चोटें आई थीं।