दो महीने से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही बरती जा रही है। न कर्मचारी बढ़े और ना ही गाड़ियां। डस्टबिन और डलावघर में पड़े कूड़े को जलाकर निपटाया जा रहा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी बुरी तरह से चरमरा चुकी सफाई व्यवस्था की निगरानी तक नहीं कर रहे।
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छह महीने पहले दो अक्तूबर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान में मेयर ने 33 मॉनीटरिंग अधिकारी बनाए थे, जो हर तीन वार्डों की सफाई पर निगरानी के लिए जवाबदेह थे, पर इनमें से तीन को छोड़कर किसी ने न निरीक्षण किया और न ही रिपोर्ट सौंपी। वार्डों में निगरानी के लिए अफसरों के न जाने के कारण होली से पहले शहर की गलियों, कालोनियों और सड़कों के किनारे कचरे के ढेर जमा हैं। रात में आग लगाकर कचरे का निस्तारण किया जा रहा है।
शहर को डलावघर मुक्त करने की मुहिम के उलट पूरे शहर को ही डलावघर बना दिया गया है। जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं। होली से पहले सफाई की जगह कूड़ा लोगों की परेशानी का सबब बन गया है। रात में कूड़े में आग लगाने के कारण मेडिकल कालेज, शाहगंज, मारुति इस्टेट, बल्केश्वर, ट्रांस यमुना कालोनी, अवधपुरी, पश्चिमपुरी, दयालबाग, बालूगंज, गांधी नगर, जगदीशपुरा में लोगों ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें कीं।
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डोर टू डोर कंपनियों पर मेहरबानी, दर्ज नहीं कराई एफआईआर
नगर निगम ने 6 जनवरी को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली चारों कंपनियों का करार निरस्त कर दिया था। नगर निगम सदन के विशेष अधिवेशन में मेयर ने आदेश दिए थे कि चारों कंपनियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाए और उनसे वसूली की जाए।
निगम का जो पैसा कंपनियों पर ज्यादा पहुंच गया है, उसकी रिकवरी कराई जाए। पार्षद रवि माथुर का कहना है कि डोर टू डोर कंपनियों पर अधिकारी मेहरबान हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सदन में जो तय हो चुका है, अधिकारी उसकी अवहेलना कर रहे हैं।
ऐसी क्या वजहें हैं कि दो महीने से कंपनियों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई। मोतीगंज के पार्षद राकेश जैन का भी यही कहना है कि विशेष सदन में प्रस्ताव पास होने और आदेश के बाद भी एफआईआर दर्ज न किए जाने से अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
नवीन जैन, मेयर
सवाल: होली से पहले सफाई क्यों ठप पड़ी है ?
जवाब: आपके अखबार और पार्षदों ने मुझे सफाई व्यवस्था चरमराने की जानकारी दी है। मैने नगर आयुक्त को बुलाकर कहा है कि निगम के जो कर्मचारी, अधिकारी आगरा में काम नहीं करना चाहते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। होली से पहले विशेष सफाई अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
सवाल: आपने 33 अधिकारी मॉनीटरिंग के लिए लगाए थे, वह क्या देख रहे है ?
जवाब: मैने मॉनीटरिंग केलिए हर तीन वार्ड में निगरानी के लिए ड्यूटी लगवाई थी, पर लगता है कि वह क्षेत्र में भ्रमण नहीं कर रहे और न ही रिपोर्ट दे रहे हैं। स्वच्छता निरीक्षक और जेडएसओ भी क्षेत्रों में नहीं जा रहे, अन्यथा ऐसे खराब हालात न होते। इन सभी को सप्ताह में तीनों वार्डों के निरीक्षण और रिपोर्ट भेजने में सख्ती बरतने को कहा है।
सवाल: जहां होली रखी है, वहीं कचरा, सीवर फैला है, कैसे त्योहार मनेगा ?
जवाब: आज से ही उच्च अधिकारी सफाई की मॉनीटरिंग खुद करेंगे। होली से पहले सभी जगह चमका दी जाएंगी। जहां होलिका दहन होना है, उन जगहों पर न तो सीवर बहता नजर आना चाहिए और न ही कचरा। जहां से भी ऐसी शिकायतें आएंगी, मैं उस क्षेत्र के अधिकारी पर कार्रवाई जरूर करुंगा